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डिजिटल क्रॉप सर्वे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव विकासशील।

विकास नंद/सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खेतों में वास्तव में कौन-सी फसल बोई गई है, इसका सटीक और विश्वसनीय डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। सर्वे में दर्ज जानकारी का संबंधित खसरों से मिलान करने के साथ मौके पर सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि फसल की वास्तविक स्थिति और सरकारी अभिलेखों में किसी प्रकार का अंतर न रहे।

मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति, भूमि अभिलेखों की स्थिति और गिरदावरी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन खेतों में फसल बोई गई है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर जानकारी दर्ज की जाए। संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भूमि पर वास्तव में फसल लगी है या नहीं।

सर्वे की हकीकत जांचने मैदान में उतरेगी राज्य स्तरीय टीम

डिजिटल क्रॉप सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़े दर्ज कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी वास्तविकता की जांच भी जरूरी है।अधिकारियों को यह रिपोर्ट तैयार करनी होगी कि कितने खसरों का सत्यापन किया गया, कितने रिकॉर्ड सही पाए गए और किन स्थानों पर त्रुटियां सामने आईं। गलत प्रविष्टियों को सुधारने के साथ सर्वे की आंतरिक जांच भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन से संबंधित आंकड़ों के साथ तुलनात्मक परीक्षण करने पर भी जोर दिया। विभिन्न विभागों के अभिलेखों का मिलान कर विसंगतियों को दूर करने के निर्देश दिए गए।

नक्शों की त्रुटियों से नहीं अटकेगा काम, तकनीकी समाधान तलाशने के निर्देश

डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान नक्शों की अनुपलब्धता और तकनीकी समस्याओं के कारण काम प्रभावित होने के मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इन बाधाओं के चलते कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए।उन्होंने राजस्व विभाग को नक्शों की त्रुटियों के निराकरण के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने तथा जरूरत के अनुसार भूमि नक्शों को अद्यतन करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में भौतिक सत्यापन और पॉलीगॉन सत्यापन आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करने को कहा गया।

कलेक्टरों के साथ होगी समीक्षा, कमियां दूर करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई

मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ बैठक कर डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति और सत्यापन कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों और खेतों से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन कर कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने पर जोर दिया।उन्होंने नियमित निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से सर्वे कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने की आवश्यकता बताई।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक उद्योग प्रभात मलिक, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार तथा संचालक खाद्य फरिया आलम सिद्दीकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राजेश कुमार

उत्तर भारत के एक छोटे शहर में पले-बढ़े। बचपन से ही लोगों की बातें सुनना और आसपास की ज़िंदगी को ध्यान से देखना उनकी आदत रही है। परिवार में सादगी और मेहनत को हमेशा महत्व दिया गया। खाली समय में किताबें पढ़ना, पुरानी डायरियाँ पलटना और सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठकर आम लोगों से बात करना उन्हें अच्छा लगता है। वे मानते हैं कि हर इंसान की अपनी एक कहानी होती है, बस उसे सुनने वाला कोई होना चाहिए।

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