नोएल टाटा समूह की छह कंपनियों में बोर्ड से देंगे इस्तीफा
मुंबई, 28 अक्टूबर । टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, टाटा समूह की छह कंपनियों के बोर्ड से इस्तीफा देंगे। इसकी वजह गैर-कार्यकारी निदेशकों के रिटायरमेंट के लिए समूह की नीति है। नोएल टाटा 12 नवंबर को 70 वर्ष के हो जाएंगे। यह कदम नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक के कारोबार वाले इस समूह में नेतृत्व के एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहां नोएल टाटा फिलहाल कई सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में अहम पदों पर हैं। वे ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, टाटा इंटरनेशनल और समूह की अन्य कंपनियों में गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर नियुक्त हैं। इसके साथ ही, वे टाटा स्टील और टाइटन कंपनी में वाइस-चेयरमैन की भूमिका भी निभा रहे हैं। छह ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड से हटने के बावजूद, नोएल टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर बने रहेंगे। टाटा संस के बोर्ड में बने रहने से, वे इस बड़े कारोबारी समूह के कामकाज और प्रबंधन में एक प्रभावशाली भूमिका निभाते रहेंगे, क्योंकि टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की कुल हिस्सेदारी लगभग 66 प्रतिशत है। वह ट्रेंट हाइपरमार्केट लिमिटेड में भी बने रहेंगे। यह ट्रेंट और टेस्को का एक जॉइंट वेंचर है, जो स्टार बाजार और स्टार डेली रिटेल चेन चलाता है। हालांकि, उनके अन्य कई डायरेक्टर पदों और लीडरशिप भूमिकाओं के लिए उत्तराधिकार योजनाओं की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
यह बदलाव टाटा समूह के लिए एक अहम समय पर हो रहा है, क्योंकि इस समय गवर्नेंस, बोर्ड में नियुक्तियों और टाटा संस की भविष्य की दिशा को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड से नोएल टाटा का रिटायर होना यह दिखाता है कि टाटा समूह अपने आंतरिक गवर्नेंस नियमों का सख्ती से पालन करता है। इन नियमों के अनुसार, गैर-कार्यकारी निदेशकों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 70 साल है, जबकि कार्यकारी निदेशकों के लिए यह 65 साल है। कॉर्पोरेट गवर्नेंस के जानकारों का मानना है कि रिटायरमेंट के ऐसे नियमों का पालन करना संस्थागत अनुशासन की निशानी है। यह बात बड़े बिजनेस समूहों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां प्रमोटर कंपनियां बोर्ड के गठन और लीडरशिप से जुड़े फैसलों पर काफी प्रभाव डालती हैं। टाटा समूह की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक होने के नाते, नोएल टाटा के कई बोर्ड से हटने के बाद ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इंटरनेशनल और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियों में लीडरशिप में बदलाव होगा। इसके साथ ही, टाटा स्टील और टाइटन में वाइस-चेयरमैन के पदों पर नई नियुक्तियां भी करनी होंगी। -(आईएएनएस)



