दुर्ग-गया के बीच नई ट्रेन का प्रस्ताव छह महीने से लंबित

मुख्यमंत्री सचिवालय की पहल पर रायपुर रेल मंडल ने भेजा था प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15अक्टूबर। छत्तीसगढ़ से बिहार के गया तक सीधी नियमित रेल सेवा शुरू करने की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हस्तक्षेप और रेलवे के रायपुर मंडल की सिफारिश के बावजूद दुर्ग-गया के बीच नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव छह महीने से अधिक समय से लंबित है।
इस मामले में मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर रेलवे के मंडल स्तर तक पहल हो चुकी है, लेकिन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय से अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
बिलासपुर के मोपका स्थित न्यू सिटी पार्क कॉलोनी निवासी और एनटीपीसी के सुरक्षा विभाग से महाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्त जनार्दन प्रसाद पाल ने 9 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर दुर्ग से गया के बीच नियमित ट्रेन शुरू करने का आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस मांग पर कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा। इसके बाद मंडल वाणिज्य प्रबंधक राकेश सिंह ने प्रस्ताव तैयार कर 9 अप्रैल 2026 को रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय भेज दिया। हालांकि, 15 अक्टूबर तक इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
दुर्ग और गया के बीच अतिरिक्त ट्रेन की जरूरत के पीछे यात्रियों की बढ़ती संख्या प्रमुख वजह बताई गई है। प्रस्ताव में मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से गया जाने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22357) में यात्रियों की भीड़ और लंबी वेटिंग का उल्लेख किया गया है।
पर्याप्त सीटें नहीं मिलने के कारण यात्रियों को यात्रा की योजना बदलनी पड़ती है या दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ता है। नियमित सीधी ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है और मौजूदा ट्रेनों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
बिहार का गया शहर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां पितरों के श्राद्ध और पिंडदान के लिए छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। गया के निकट स्थित बोधगया अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल होने के कारण देश-विदेश के पर्यटक भी इस क्षेत्र की यात्रा करते हैं।
इसके अलावा रोजगार, शिक्षा और पारिवारिक जरूरतों के चलते छत्तीसगढ़ तथा बिहार के बीच नियमित आवागमन करने वाले लोगों के लिए भी बेहतर रेल संपर्क उपयोगी साबित हो सकता है।
जनार्दन प्रसाद पाल ने दुर्ग से प्रयागराज जंक्शन होते हुए गया तक नियमित सीधी ट्रेन चलाने का सुझाव दिया है। इससे यात्रियों को सुविधाजनक विकल्प मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन और दोनों राज्यों के बीच आवागमन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
### अब रेलवे मुख्यालय के निर्णय पर नजर
रायपुर मंडल प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज चुका है। इसके बावजूद नई ट्रेन को लेकर निर्णय नहीं होने से यात्रियों की मांग अधूरी है।



