भोपाल की बीएचईएल यूनिट बनाएगी 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के ट्रैक्शन मोटर और ट्रांसफार्मर

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) और टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के संयुक्त समूह को भारतीय रेल से 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के निर्माण, आपूर्ति और 35 वर्ष के व्यापक रखरखाव का ठेका मिला है। बीएचईएल के आधिकारिक बयान के अनुसार, करों और शुल्कों को छोड़कर इस ऑर्डर का मूल्य 23,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें ट्रेनसेट की आपूर्ति के लिए करीब 9,600 करोड़ रुपये और शेष राशि 35 वर्ष के रखरखाव के लिए रखी गई है। अनुबंध पर हस्ताक्षर के समय इसका अनुमानित मूल्य करीब 24,000 करोड़ रुपये (जीएसटी छोड़कर) आंका गया था।
इस परियोजना में बीएचईएल की भोपाल स्थित हेवी इलेक्ट्रिकल प्लांट की भूमिका प्रमुख है। यह इकाई इन स्लीपर ट्रेनों के लिए ट्रैक्शन मोटर और ट्रांसफार्मर बनाएगी। प्रणोदन प्रणाली के तहत बीएचईएल ट्रैक्शन कनवर्टर की आपूर्ति भी कर रही है। कंपनी की भोपाल, झांसी और बेंगलुरु इकाइयां मिलकर इन ट्रेनसेट के लिए जरूरी विद्युत और प्रणोदन उपकरण तैयार करने में जुटी हैं। ये उपकरण ट्रेन में बिजली आपूर्ति, नियंत्रण और गति से जुड़े हैं।
ऑर्डर 2023 में मिला, रखरखाव के लिए नया संयुक्त उद्यम
बीएचईएल की अगुवाई वाले इस समूह को अप्रैल 2023 में 200 ट्रेनों के टेंडर में एल-2 बोलीदाता के रूप में 80 ट्रेनसेट का ऑर्डर मिला था। निर्माण और रखरखाव का समझौता जून 2023 में हुआ। टिटागढ़ रेल सिस्टम्स पहले टिटागढ़ वैगन्स लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी। पांच बोलीदाताओं में यह समूह पूरी तरह भारतीय कंपनियों का था।
15 सितंबर 2026 को दोनों कंपनियों ने 50:50 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उद्यम समझौता किया। यह संयुक्त उद्यम कंपनी आपूर्ति किए गए 80 स्लीपर ट्रेनसेट का 35 वर्ष तक व्यापक रखरखाव करेगी। बीएचईएल के अनुसार, इसका मकसद ट्रेनों की परिचालन तैयारी, सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखना है। समझौते में सरकारी निर्माण इकाइयों और ट्रेनसेट डिपो के उन्नयन की व्यवस्था भी शामिल है।
डिजाइन गति 176, परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा
बीएचईएल के अनुसार, ये ऊर्जा-कुशल वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट 176 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए हैं। ये लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए बनाई जा रही हैं। हर ट्रेनसेट में 16 कोच होंगे। समूह अपने संयंत्रों और भारतीय रेल की इंटीग्रल कोच फैक्टरी, चेन्नई में इनका निर्माण, परीक्षण, कमीशनिंग और आपूर्ति करेगा। अंतिम एकीकरण, परीक्षण और रखरखाव दोनों कंपनियां मिलकर संभालेंगी।
बीएचईएल के दायरे में आईजीबीटी आधारित ट्रैक्शन कनवर्टर-इनवर्टर, सहायक कनवर्टर, ट्रेन नियंत्रण प्रबंधन प्रणाली, मोटर, ट्रांसफार्मर और मैकेनिकल बोगी शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर यात्री रेल क्षेत्र में उसके काम के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।



