छत्तीसगढ़

आरएसएस ‘विशुद्ध पुरुषवादी, संविधान विरोधी’; उसकी सोच के खिलाफ लड़ना खुशी देता है : राहुल

नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह विशुद्ध पुरुषवादी और संविधान विरोधी संगठन है, जो महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह शिव-शक्ति में विश्वास करते हैं और इसीलिए आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ लड़ने से उन्हें खुशी मिलती है।

उन्होंने आरोप लगाया, आरएसएस एक विशुद्ध पुरुषवादी, संविधान विरोधी समूह है, जो मानता है कि महिलाएं पुरुषों की संपत्ति हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, मैं शिव-शक्ति में विश्वास करता हूं। यही कारण है कि उनसे लड़ने में मुझे इतनी खुशी मिलती है।

गांधी ने दावा किया कि आरएसएस से जुड़ी मानी जाने वाली कई महिलाएं भी इस मुद्दे पर उनके पक्ष में हैं।

उन्होंने कहा, खूबसूरत बात यह है कि उनकी अपनी कई महिलाएं मेरे साथ हैं।

राहुल गांधी का यह बयान उस दिन आया है जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के वार्षिक विजयादशमी उत्सव को संबोधित किया।

भागवत ने अपने संबोधन में आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के आंदोलन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं करते और ये राजनीतिक स्वार्थों का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं।(भाषा)

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