ठंड की आहट के बीच 65 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली: भारत में एक तरफ जहां मानसून अपने अंतिम दौर (Monsoon Withdrawal) में है और कई राज्यों में सुबह-शाम की हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ मौसम ने अचानक बड़ा यू-टर्न ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम के इस अचानक हुए बदलाव को लेकर एक डराने वाला अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आज यानी 30 सितंबर को देश के 16 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन प्रभावित राज्यों में मुख्य रूप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और पूर्वी भारत के कई हिस्से शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान विशेष सावधानी बरतें।
आंधी-तूफान और वज्रपात का खतरा
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, केवल बारिश ही नहीं बल्कि तेज हवाओं का भी भयंकर अलर्ट है। मौसम विभाग का कहना है कि इन 16 राज्यों में बारिश के दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (वज्रपात) की भी भारी आशंका जताई गई है। पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों के लिए इसे लेकर एडवाइजरी जारी की गई है।
प्रमुख राज्यों के मौसम का हाल
- दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR): राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है और ठंड का अहसास बढ़ेगा।
- उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh): यूपी के पूर्वी और मध्य हिस्सों (जैसे लखनऊ और आस-पास) में झमाझम बारिश के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। पश्चिमी यूपी में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
- बिहार (Bihar): पटना सहित बिहार के कई जिलों में तेज बारिश और वज्रपात का अलर्ट है। मौसम विभाग ने लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। यहां बारिश के साथ-साथ कुछ जगहों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) का भी खतरा मंडरा रहा है।
क्यों अचानक बदला मौसम का मिजाज?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने दबाव और निचले क्षोभमंडल स्तर पर मौजूद चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण मानसून की विदाई के समय यह अप्रत्याशित बारिश देखने को मिल रही है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाओं की गति बढ़ गई है, जिसने ठंड की दस्तक के साथ-साथ इस तूफानी मौसम को जन्म दिया है। 1 से 2 अक्टूबर के बाद उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम के साफ होने की उम्मीद है।



