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LPU में तोड़फोड़ के बाद अशोक मित्तल ने तोड़ी चुप्पी, हिंसा को बड़ी साजिश बताया

फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में हुई तोड़फोड़ और हिंसा के करीब चार दिन बाद संस्थापक-कुलाधिपति अशोक मित्तल ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया है। राज्यसभा सांसद मित्तल ने घटना को विश्वविद्यालय, पंजाब की अर्थव्यवस्था और राज्य में हिंदू-सिख एकता के खिलाफ साजिश करार दिया।

मित्तल ने जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के मौके पर मीडिया से बात करते हुए यह दावा किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ LPU ही नहीं, अन्य विश्वविद्यालय भी निशाने पर रहे। उनके अनुसार इसका मकसद संस्थान को अस्थिर करना, पंजाब की छवि खराब करना, रोजगार प्रभावित करना और हिंदू तथा सिख समुदायों के बीच दरार डालना था।

यौन उत्पीड़न के दावे को खारिज किया

मित्तल ने छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न या दुष्कर्म की उन खबरों को पूरी तरह झूठा बताया, जिनके बाद परिसर में विरोध शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि ये दावे “100 करोड़ प्रतिशत” झूठे हैं और अब तक कोई पीड़िता सामने नहीं आई है। उनके मुताबिक सोशल मीडिया, खासकर Reddit पर आए संदेश के बाद छात्रों को उकसाया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ हमलावरों के चेहरे ढके हुए थे और उनके पास पेट्रोल वाली बोतलें थीं। बाहरी लोगों और कुछ छात्रों की भूमिका की बात करते हुए उन्होंने जांच पर भरोसा जताया। मित्तल ने कहा कि अगर छात्र दोषी पाए गए तो विश्वविद्यालय खुद उनके खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करेगा।

26-27 सितंबर की घटना

26 सितंबर की रात लड़कियों के हॉस्टल में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की असत्यापित सूचना सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर फैलने के बाद छात्र जुटे। विरोध 27 सितंबर को हिंसक हो गया। रिपोर्टों के अनुसार परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और दुकानों की लूट हुई। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) भी कई घंटों तक जाम रखा और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया।

पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है। तोड़फोड़, आगजनी और लूट को लेकर अलग प्राथमिकी भी दर्ज हुई हैं। विश्वविद्यालय का रुख शुरू से यह रहा है कि परिसर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी इस मामले में राज्य से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। एक छात्र की ओर से सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका भी दायर की गई है।

चितकारा से तुलना और राजनीतिक संदर्भ

मित्तल ने चितकारा यूनिवर्सिटी में एक दिन पहले हुई समान घटना का जिक्र करते हुए दोनों मामलों में एक जैसा पैटर्न बताया। उन्होंने कहा कि जांच से साफ होगा कि साजिश राज्य के अंदर से थी या बाहर से। आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक बदले की आशंका पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि तथ्य सामने आने पर बात करेंगे।

घटना के बाद परिसर में सामान्य स्थिति लौटने की खबरें हैं। पुलिस और विश्वविद्यालय की विशेष जांच टीम जांच जारी रखे हुए हैं। यौन उत्पीड़न के आरोप और हिंसा के पीछे साजिश का दावा दोनों ही जांच के अधीन हैं।

सुनीता सिंह

एक जिम्मेदार और परिवार-केंद्रित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखा है। पढ़ाई और घर संभालने के साथ-साथ समाज के छोटे कामों में भी रुचि रखती हैं। उन्हें बच्चों से बात करना, त्योहारों की तैयारी और घर की पुरानी यादें संजोना अच्छा लगता है। उनकी भाषा सरल है और सोच स्पष्ट।

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