हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत

बाइक सवार को दौड़ाकर कुचला, दूसरे की घर से निकलते गई जान
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर, 2 नवंबर। सूरजपुर जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार शाम कल्याणपुर-अखोरा मार्ग पर हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सोमवार को दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम एवं पंचनामा कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं वन विभाग के अमले ने दोनों मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए तत्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराई।
पहली घटना रविवार शाम करीब 6 से 6.30 बजे के बीच कल्याणपुर-अखोरा मार्ग पर हुई। ग्राम खालबहरा, थाना राजपुर निवासी विश्वनाथ कोरवा पिता राजनाथ पहाड़ी अपनी बहन के घर कल्याणपुर से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक हाथी सामने आ गया। हाथी को देखकर दोनों बाइक सवार घबराकर मोटरसाइकिल छोड़कर भागने लगे।
विश्वनाथ का भतीजा किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा, जबकि विश्वनाथ जान बचाने खेत की ओर भागा। हाथी ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और सूंड से उठाकर पटकने के बाद पैरों से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
वहीं दूसरी घटना अखोरा कला खुर्द की बताई जा रही है। यहां मानदेव यादव पिता हनुमान यादव निवासी अखोरा कला खुर्द, पोस्ट ककना, तहसील राजपुर को घर से निकलने के दौरान हाथी ने अपनी चपेट में ले लिया। हमले में उनकी भी मौके पर मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित हाथी पिछले कई महीनों से अकेले क्षेत्र में विचरण कर रहा है। अकेले घूमने के कारण उसकी लोकेशन का सटीक पता लगाना मुश्किल हो रहा है। हाथी को अक्सर अंबिकापुर-कल्याणपुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग के आसपास देखा जाता है। रविवार दोपहर वह मुख्य मार्ग के किनारे था, जबकि शाम को कल्याणपुर-अखोरा मार्ग की ओर पहुंच गया। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों द्वारा फसलों को भी व्यापक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी की सतत निगरानी करने, प्रभावित गांवों में नियमित मुनादी कराने तथा लोगों को समय रहते सतर्क करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में पहले भी हाथियों के हमले से जनहानि की घटनाएं हो चुकी हैं।



