उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस की ‘एकला चलो’ नीति पर सवाल उठाए, इंडिया ब्लॉक बैठक में संयुक्त आंदोलन की मांग

नई दिल्ली। बुधवार को राजधानी दिल्ली के संविधान क्लब में विपक्षी इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर साझा रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे मुंबई से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ‘एकला चलो’ नीति ठीक नहीं है। उनके अनुसार विपक्षी दलों को अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय इंडिया ब्लॉक के बैनर तले एक साथ सड़क पर उतरना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा राज्य में स्वतंत्र रूप से विरोध प्रदर्शन आयोजित करना उचित नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रभावी आंदोलन तभी सफल होगा जब सभी सहयोगी दल एक साथ भाग लें।
शिवसेना (यूबीटी) 4 अक्टूबर को महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। उद्धव ठाकरे ने इस आंदोलन में अन्य विपक्षी दलों समेत कांग्रेस को भी शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक को संयुक्त रूप से बड़ा आंदोलन शुरू करना चाहिए।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, राजद के तेजस्वी यादव समेत कई दलों के नेता मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए। डीएमके और आम आदमी पार्टी ने बैठक से दूरी बनाए रखी।
बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची संशोधन को लेकर विपक्ष की एकजुट रणनीति तय करना था। उद्धव ठाकरे के बयान से गठबंधन के अंदर समन्वय को लेकर मतभेद भी सामने आए।



