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यूपी चुनाव 2027: राशिद अल्वी ने अखिलेश यादव के बयान का समर्थन किया, कहा- कांग्रेस जीतने वाली सीटें ही चाहेगी

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए गठबंधन में सीटों की संख्या से ज्यादा जीत को अहम बताया था। अल्वी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, वहां मकसद जीत हासिल करना होगा।

राशिद अल्वी ने कहा, “उनका बयान ठीक है। कांग्रेस भी जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी, वे जीतने के लिए ही उतारेगी। कांग्रेस पार्टी यह नहीं चाहती है कि हम अपने उम्मीदवार उतारें और हार जाएं। हम तो उत्तर प्रदेश के अंदर सरकार बनाना चाहते हैं। हमें पूरा यकीन है कि हम और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेंगे और भारतीय जनता पार्टी को बाहर का रास्ता दिखाएंगे। निश्चित तौर पर कांग्रेस पार्टी गठबंधन में वही सीटें चाहेगी, जो हम जीत सकते हैं। हम हारने के लिए थोड़े ही लड़ेंगे।”

अखिलेश यादव ने क्या कहा था

इससे पहले 4 अक्टूबर को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अपना रुख साफ किया था। उन्होंने लिखा, “मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है। बात बड़ी यह नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है। बात बड़ी यह है कि हम सबको यह सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।”

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि बात सीट की नहीं, जीत की है। उन्होंने कहा कि यह जीत गठबंधन के दलों से बढ़कर उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी, जो सांप्रदायिकता के खिलाफ है और लोकतंत्र, संविधान व आरक्षण पर असर न पड़ने देना चाहती है। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय संविधान-जय हिंदुस्तान” लिखा।

सीट बंटवारे पर चल रही चर्चा

अखिलेश यादव का बयान ऐसे समय आया है, जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज है। दोनों दलों ने 2024 के लोकसभा चुनाव साथ लड़े थे। कांग्रेस की ओर से कुछ नेता अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं, जबकि सपा का जोर उम्मीदवार की जीत की संभावना पर रहा है।

राशिद अल्वी के बयान से संकेत मिलता है कि कांग्रेस भी गठबंधन में केवल सीटों की संख्या नहीं, बल्कि उन सीटों पर दावेदारी रखना चाहती है, जहां उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक हो। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों दल मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने की कोशिश करेंगे। फिलहाल दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

रवि कुमार यादव

गाँव और शहर दोनों की ज़िंदगी से जुड़े रहे हैं। परिवार में खेती-बाड़ी और मेहनत का माहौल रहा, जिससे उनमें जमीन से जुड़ाव बना। वे कम बोलते हैं, लेकिन ध्यान से सुनते हैं। यात्रा करना, स्थानीय मेलों में घूमना और पुराने दोस्तों से मिलना उनकी रुचि है। वे साधारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सम्मान की नजर से देखते हैं।

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