विद्युत पोल पर काम करते समय करंट की चपेट में आया ठेका कर्मी शरीर झुलसा
राजनांदगांव: विद्युत पोल पर काम करते समय जरा-सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है, लेकिन बिजली कंपनी के ठेका कर्मियों की सुरक्षा के इंतजाम कितने पुख्ता हैं? ठेलकाडीह विद्युत विभाग के अंतर्गत काम करने वाले ठेका कर्मी टूमन वर्मा के करंट की चपेट में आने की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है। शनिवार सुबह हुए हादसे में कर्मी के शरीर के कई हिस्से झुलस गए। गंभीर हालत में उसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरकामटोला ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
टूमन वर्मा शनिवार सुबह विद्युत पोल पर कार्य कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी पीठ, हाथ-पैर सहित शरीर के ऊपरी हिस्से की त्वचा झुलसने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मी को तत्काल उपचार के लिए मरकामटोला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए राजनांदगांव रेफर कर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विद्युत पोल पर काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। ऐसे में इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्य शुरू करने से पहले विद्युत आपूर्ति बंद की गई थी? क्या संबंधित लाइन को सुरक्षित किया गया था? क्या कर्मी को हेलमेट, दस्ताने, सेफ्टी बेल्ट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? साथ ही, क्या कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा था?
