दिल्ली: महिला पत्रकारों के उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बीच ACP विवेक भगत का एडिशनल DCP चार्ज रोका

नई दिल्ली: कनॉट प्लेस के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO) और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (एडिशनल DCP) का करंट ड्यूटी चार्ज देने वाला 5 अक्टूबर 2026 का आदेश उनके अनुरोध पर रोक दिया गया है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि भगत ने अपनी मर्जी से यह जिम्मेदारी तब तक न लेने का अनुरोध किया है, जब तक महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न के मामले की पूरी जांच संतोषजनक ढंग से पूरी न हो जाए।
भगत 2018 बैच के DANIPS अधिकारी हैं और फिलहाल कनॉट प्लेस सब-डिवीजन में SDPO के रूप में तैनात हैं। 5 अक्टूबर को दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने उपराज्यपाल तारनजीत सिंह संधू की मंजूरी के बाद 12 सिलेक्शन ग्रेड DANIPS अधिकारियों को एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज तत्काल प्रभाव से सौंपा था। आदेश पर डिप्टी सेक्रेटरी (होम) रमेश कुमार के हस्ताक्षर थे। भगत का नाम भी इस सूची में शामिल था।
बाद में भगत ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अपने संबंध में जारी आदेश को रोकने की सहमति दी। पत्र में उन्होंने लिखा, “क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस में मेरे खिलाफ एक यूट्यूबर के आरोपों को लेकर लंबित जांच को देखते हुए मैं इस आदेश को केवल मेरे संबंध में रोककर रखने की सहमति देता हूं।” दिल्ली सरकार ने एक्स पर जारी स्पष्टीकरण में कहा कि भगत ने स्वेच्छा से अनुरोध किया है, इसलिए 5 अक्टूबर का आदेश संशोधित कर शेष 11 अधिकारियों के लिए दोबारा जारी किया जाएगा।
यह नियमित प्रमोशन नहीं
सरकार ने साफ किया है कि करंट ड्यूटी चार्ज अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है। इससे कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता और जिन अधिकारियों को यह चार्ज दिया गया है, वे नियमित पदधारियों की वैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। सरकार के अनुसार, इन अधिकारियों को अतिरिक्त ड्यूटी चार्ज देने का प्रस्ताव 25 अगस्त को शुरू हुआ था, जो मौजूदा आरोपों के सामने आने से पहले की बात है। आदेश 5 अक्टूबर को मंजूरी के बाद जारी हुए।
जंतर मंतर प्रदर्शन और आरोप
आरोप 3 अक्टूबर को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े हैं। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कथित अनियमितताओं के विरोध में हुआ था। तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए। इनमें से एक शिकायत में भगत का नाम लिया गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान भगत ने एक महिला पत्रकार के साथ छेड़छाड़ की। संगठन ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। संस्थापक संयोजक अभिजीत डिपके ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों शिकायतें 4 अक्टूबर को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दी गईं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अब तक इन आरोपों पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं है और आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।
भगत के पत्र में जांच का जिक्र एक यूट्यूबर के आरोपों के संदर्भ में किया गया है। अलग से, दिल्ली पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति को भगत को गलत रोशनी में दिखाने वाले फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को स्वतंत्र पत्रकार बता रहा था और इंस्टाग्राम अकाउंट चला रहा था।
संशोधित आदेश के बाद भगत फिलहाल ACP और SDPO कनॉट प्लेस के पद पर बने रहेंगे। एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज जांच पूरी होने तक उन्हें नहीं सौंपा जाएगा। शेष 11 अधिकारियों पर मूल व्यवस्था लागू रहेगी।



