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उज्जैन: सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण के बीच शाही मस्जिद की मीनार हटाने की तैयारी, उपद्रव के बाद 250 से अधिक दुकानें बंद

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर सोमवार को हुए उपद्रव के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। मस्जिद समिति की सहमति से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी है। बुधवार को मीनार पर मचान बांधने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार जल्द ही मीनार सहित सड़क के दायरे में आने वाला संबंधित हिस्सा हटा दिया जाएगा।

घटना के लगभग 48 घंटे बाद भी छत्री चौक और आसपास के इलाके में 250 से अधिक दुकानें और कई घर बंद हैं। क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। पुलिस ने पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर रखी है। प्रशासन ने छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल के पास का क्षेत्र, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान और सती गेट से कंठाल तक का क्षेत्र बंद करवा रखा है।

व्यापार प्रभावित, व्यापारियों का नुकसान का दावा

करीब दो दिन से व्यापार प्रभावित होने के कारण क्षेत्र के व्यापारियों ने लगभग 10 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही है। उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि दुकानें कब खुलेंगी। कपड़ा व्यापारी शीतलदास चंदनानी ने बताया कि क्षेत्र की दुकानें पूरी तरह बंद हैं। पिछले तीन दिनों से यही स्थिति है और यह कब तक चलेगी, कहना मुश्किल है। उनके अनुसार तनावपूर्ण माहौल का सबसे ज्यादा असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि सामान्य दिनों में इस इलाके में रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है।

उपद्रव में 30 के खिलाफ FIR, 20 गिरफ्तार

शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने को लेकर हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने अब तक करीब 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में आठ FIR दर्ज की गई हैं।

बुधवार सुबह खाराकुंवा पुलिस ने 9 आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया। सभी का मेडिकल कराया गया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी की। आरोपी मुंह छिपाकर अस्पताल पहुंचते दिखे।

सोमवार को छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाने को लेकर ढाबा रोड और सब्जी मंडी की ओर से आए कुछ लोगों ने विवाद किया था। इसके बाद पथराव भी हुआ। भीड़ को भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ संदेश और वीडियो वायरल किए गए थे। पुलिस के अनुसार कुछ वीडियो में पूरी मस्जिद तोड़े जाने का गलत चित्रण किया गया था।

विवाद की जड़ में सड़क चौड़ीकरण

सिंहस्थ 2028 के लिए कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। पहले से मौजूद लगभग 12 मीटर सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस मार्ग पर कुल 323 मकान और 15 धर्मस्थल चौड़ीकरण की जद में आए हैं। कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक 8 धर्मस्थलों को बिना विवाद हटाकर शिफ्ट किया जा चुका है। इस हिस्से में 15 मीटर सड़क भी चौड़ी कर दी गई है।

विवाद तब बढ़ा, जब नगर निगम कंठाल से गोपाल मंदिर की ओर आगे बढ़ा और छत्री चौक पर शाही मस्जिद का हिस्सा सड़क के दायरे में आया। प्रशासन के अनुसार अब तक 12 धर्मस्थलों को हटाया जा चुका है। मस्जिद समिति और प्रशासन के बीच हुई बातचीत के बाद प्रभावित हिस्से को समिति द्वारा स्वयं हटाने का निर्णय लिया गया। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने इससे पहले सितंबर में संबंधित याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

पुलिस बल तैनात, एसपी का बयान

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कुछ लोग दूसरे शहरों से आकर दंगा कराने का प्रयास कर रहे थे। मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं से चर्चा के बाद मस्जिद समिति द्वारा स्वयं प्रभावित हिस्सा हटाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि ढाई हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी पूरे इलाके में तैनात हैं और अगली शिफ्ट में भी इतनी ही संख्या में बल तैनात रहेगा।

पुलिस ने सोमवार तक कई आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया था। मंगलवार को सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज की जांच के आधार पर और लोगों की पहचान की गई। पुलिस के अनुसार अब तक करीब 30 आरोपियों को चिन्हित किया जा चुका है।

खाराकुंवा थाने में दर्ज मामले

खाराकुंवा थाने में साजिद खान, इमरान, गुलरेज खान, बिल्लू पठान, साजिद खान, इमरान खान, बिलाल, लालू हेला, सलीम, नदीम, तौफीक खान, शाकिर, शाहनवाज उर्फ कल्लू खां, अरसद हुसैन, ईशान खान, तैयब मंसूरी, हुसैन सलमान, कासिम शेख, साहिल खान, साबिर शेख, शेख अल्फेज और समीर सरोठी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाले भी शामिल हैं।

प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने के लिए सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है। मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने का कार्य समिति की सहमति से जारी है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

अजय यादव

एक सीधे-सादे स्वभाव के व्यक्ति हैं। बचपन से ही अपने आसपास की बातों को याद रखने की आदत रही। परिवार में बड़ों का आदर और मेहनत की सीख मिली। वे सड़कों पर घूमना, बस-स्टैंड और बाजार की हलचल देखना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि असली तस्वीर वही है जो आम दिन में दिखती है, किसी मंच पर नहीं।

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