कर्नाटक: देवी की प्रतिमा रखने वाला हौदा ले जा रहा हाथी बेकाबू हुआ, हादसा बचा

-इमरान क़ुरैशी
कर्नाटक के शिवमोग्गा में दशहरा जुलूस के दौरान 650 किलोग्राम वज़नी हौदा ढो रहा एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया. इससे काफ़ी तनाव पैदा हो गया.
हौदा एक चौकोर लकड़ी का मंच होता है. इसमें देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा रखी जाती है.
कुछ समय के प्रशिक्षण के बाद हौदा हाथी के ऊपर रखा जाता है.
सोमन्ना नामक हाथी तब जाकर रुका, जब हौदा एक तरफ़ झुक गया और नीचे गिर पड़ा. इसके बाद हाथी आगे नहीं बढ़ सका.
हाथी सोमन्ना पहले भी दशहरा जुलूस का हिस्सा रह चुका है. इस बार उसे एक हफ़्ते के प्रशिक्षण के बाद हौदा ढोने के लिए चुना गया था.
पिछले वर्षों में हौदा उठाने वाला हाथी सागर भी सोमन्ना के साथ मौजूद था.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बीबीसी न्यूज़ हिंदी से कहा, हमें नहीं पता कि हाथी अचानक क्यों बेकाबू हो गया. सौभाग्य से वह मुड़कर जुलूस के शुरुआती स्थान की ओर लौट गया.
उन्होंने कहा, उसके पीछे लोगों की संख्या कम थी. इसी वजह से कोई जनहानि नहीं हुई.
यह पहली बार है जब हौदा ले जा रहा कोई हाथी इस हद तक बेकाबू हुआ कि हौदा लगभग गिर गया.
वहीं, मैसूरु में हाथी प्रशांत ने लाखों लोगों के बीच देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा के साथ 750 किलोग्राम वज़नी स्वर्ण हौदा शांतिपूर्वक ढोया.
यह पहली बार था जब हाथी प्रशांत स्वर्ण हौदा लेकर चल रहा था.
हाथी प्रशांत विश्व प्रसिद्ध मैसूरु दशहरा जुलूस में भाग लेने का काफ़ी अनुभव रखता है.(bbc.com/hindi)

