छत्तीसगढ़

ओडिशा में गिरफ़्तार दो सामाजिक कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग तेज़ हुई

-राखी घोष

ओडिशा में आदिवासी और दलित समुदायों के साथ काम करने वाले दो सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रैंडल सेक्वेरा और लक्ष्मण नायक को गिरफ़्तार किए जाने के बाद उनकी रिहाई की मांग तेज़ हो गई है.

यह मामला वेदांता की प्रस्तावित सिजिमाली बॉक्साइट खनन परियोजना के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन से जुड़ा है.

दोनों की गिरफ़्तारी 16 अक्तूबर को रायगड़ा झड़प मामले में हुई.

पुलिस ने दोनों को कालाहांडी ज़िले के भवानीपटना से गिरफ़्तार कर रायगड़ा उप-जेल भेज दिया.

उन पर हत्या के प्रयास, दंगा, डकैती और आपराधिक धमकी समेत भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है.

मानवाधिकार और सामाजिक संगठनों ने इन गिरफ़्तारियों की निंदा की है.

उनका कहना है कि यह सिजिमाली और कुटरूमाझी पहाड़ियों में बॉक्साइट खनन के विरोध को दबाने की कोशिश है.

संगठनों ने दोनों कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई और शांतिपूर्ण जन आंदोलन को अपराध की तरह पेश करने की कार्रवाई बंद करने की मांग की है.

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में ओडिशा सरकार ने रायगड़ा और कालाहांडी में लगभग 1,549 हेक्टेयर क्षेत्र में बॉक्साइट खनन के लिए वेदांता को 50 साल की लीज़ दी थी.

तब से स्थानीय आदिवासी समुदाय इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि ग्राम सभाओं की सहमति के बिना खनन नहीं किया जा सकता.(bbc.com/hindi)

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