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फ्लाईदुबई की उड़ान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को दुनिया ने हीरो कहा

तबुक (सऊदी अरब): भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान एफजेड1073 में कॉकपिट हमले के बाद भी उन्होंने विमान को सुरक्षित उतरवाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें हीरो कहा है।

बुधवार, 30 सितंबर 2026 को बोइंग 737 मैक्स 8 विमान ने सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग की। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया और विमान को गिराने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया। विमान में सवार करीब 174 लोग सुरक्षित रहे।

उड़ान एफजेड1073 पर क्या हुआ

फ्लाइट दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे के लिए निकली थी। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान करीब 30 सेकंड में लगभग 14,000 फीट नीचे आ गया और आपातकालीन कोड, जिसमें हाईजैक कोड 7500 भी शामिल था, भेजा गया। इसके बाद विमान सऊदी अरब की ओर मुड़ गया।

तबुक हवाई अड्डे के अनुसार एयर ट्रैफिक कंट्रोल को डिस्ट्रेस कॉल मिली और विमान सुरक्षित उतर गया। दोनों पायलट अस्पताल ले जाए गए। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि कैप्टन मच्छार की हालत स्थिर है और उन्हें इलाज मिल रहा है।

नेतन्याहू ने कहा कि चाकू लगने और गंभीर चोट के बावजूद कैप्टन ने लड़ाई की, दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने दिया। उन्होंने इसे बड़ी आपदा टालने वाला कदम बताया और 174 जानें बचाने का श्रेय दिया। विमान में सवार अन्य फ्लाईदुबई पायलटों ने विमान को स्थिर करने और उतारने में मदद की। सऊदी अधिकारियों ने को-पायलट को हिरासत में लिया। यूएई की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी और सऊदी जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। इजरायल भी मामले की समीक्षा कर रहा है। फ्लाईदुबई ने घटना की पुष्टि की, सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की बात कही और जांच तक इजरायल की उड़ानें स्थगित कर दीं।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार

स्मित मच्छार मुंबई के रहने वाले हैं और बोइंग 737 के अनुभवी कैप्टन हैं। उन्होंने 2011 में स्पाइसजेट जॉइन किया, सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन बने, फिर जून 2022 में डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में फ्लाईदुबई आए। प्रोफाइल के अनुसार उनके पास बोइंग 737-800 और 737 मैक्स पर करीब 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव है।

उड्डयन उनकी बचपन की योजना नहीं थी। उन्होंने कपड़ा इंजीनियरिंग पढ़ी और परिवार के बिजनेस में जाने का विचार था। इसके बाद मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट में मैनेजमेंट की पढ़ाई की। किशोरावस्था के आखिरी वर्षों में एक एविएशन सेमिनार ने दिशा बदल दी। उन्होंने न्यूजीलैंड में कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग पूरी की और भारत में बोइंग 737 टाइप रेटिंग ली। परिचित उन्हें शांत और संयमित बताते हैं। घटना के बाद वायरल हुए पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि पायलट के लिए सबसे बड़ी बात सुरक्षित लैंडिंग है, सिर्फ समय पर पहुंचना नहीं, और हवा में अप्रत्याशित स्थिति के लिए तैयार रहना जरूरी है।

विश्व नेताओं की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे के सामने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने का अटूट संकल्प दिखाया। उनकी वीरता से सैकड़ों जानें बचीं और बड़ी त्रासदी टली। भारत कैप्टन मच्छार पर गर्व करता है।” उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और अन्य नेताओं ने भी उनकी सूझ-बूझ की सराहना की। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो कहा और कहा कि उनके कदम से बड़ी आपदा रुकी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी तारीफ की। स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि देश और एयरलाइन दोनों गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घायल अवस्था में कॉकपिट का दरवाजा खोलना असाधारण साहस का काम था। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भारतीय कैप्टन, इजरायली यात्रियों और अमीराती क्रू की संयुक्त भूमिका का जिक्र किया।

सोशल मीडिया पर राष्ट्रीयता की गलती और सुधार

कहानी फैलते ही कुछ पोस्ट में कैप्टन की राष्ट्रीयता गलत बताई गई। जोहान्सबर्ग के दक्षिण अफ्रीकी रेडियो जॉकी हावर्ड फेल्डमैन ने पहले लिखा कि एक अमीराती पायलट को विमान बचाने की कोशिश में चाकू मारा गया और इजरायली यात्रियों समेत अन्य लोगों ने विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण बताया।

पूर्व सांसद और शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सुधार करते हुए लिखा कि इजरायल जा रही उड़ान को बचाने वाला पायलट भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार हैं, कोई अमीराती नागरिक नहीं। उन्होंने कहा कि को-पायलट के हमले का शिकार हुए कैप्टन ने सूझ-बूझ दिखाई और बुरे इरादे को कामयाब नहीं होने दिया।

इसके बाद फेल्डमैन ने अपनी बात सुधारी। उन्होंने लिखा कि उनका मानना है कि पायलट भारत के थे, अमीरात के नहीं, और यह सुधार स्थिति को और स्पष्ट करता है। इसके बाद उन्होंने भारतीय पायलट की तारीफ की।

जांच अभी जारी

अभी अंतिम रिपोर्ट या पुष्ट मकसद सार्वजनिक नहीं हुआ है। शुरुआती इजरायली आकलन में इसे विमान गिराने की कोशिश माना गया। यूएई और सऊदी जांच एजेंसियां परिचालन और सुरक्षा पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। फ्लाईदुबई और नियामकों ने अनधिकृत जानकारी फैलाने से बचने को कहा है। कैप्टन मच्छार तबुक में इलाज के अधीन हैं और भारतीय मिशन सहायता दे रहे हैं।

यह घटना कॉकपिट सुरक्षा और आपात स्थिति में क्रू व यात्रियों की भूमिका दोनों पर ध्यान खींचती है। फिलहाल पुष्ट बात यह है कि विमान जमीन पर सुरक्षित पहुंचा और सवार हर व्यक्ति जीवित रहा।

पंकज कुमार वर्मा

एक शांत और सोचने वाले इंसान हैं। घर का माहौल सादगी भरा रहा। वे सुबह जल्दी उठते हैं, अखबार पलटते हैं और दिन भर देखी गई बातों को याद रखते हैं। दोस्तों के साथ बैठक, लंबी सैर और पुरानी फिल्में देखना उनका शौक है। वे दिखावे से दूर रहते हैं और बात को उसके असली रूप में रखना पसंद करते हैं।

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