नेपाल में बेचने के लिए झारखंड से आकर चुराते थे मोबाइल फोन, नाबालिग समेत तीन पकड़े गए

छत्तीसगढ़ संवाददाता
जांजगीर, 23 अक्टूबर। बुधवारी बाजार की भीड़ में लोगों की जेब से महंगे मोबाइल पार करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 14 हजार 500 रुपये बताई गई है। चार अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे पुराने मदन पेट्रोल पंप के सामने रहने वाले धनंजय शुक्ला बुधवारी बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इस दौरान उनकी जेब से सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल चोरी हो गया। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
इसी बाजार में शिवनारायण सोनी, मुलमुला निवासी प्रमोद तिवारी और शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के सलखन निवासी संतोष कश्यप के मोबाइल भी चोरी हुए थे। लगातार सामने आए मामलों के बाद साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को नैला रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध व्यक्ति घूमता मिला। उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहन महतो बताया। पुलिस के मुताबिक, उसने साथियों के साथ मिलकर बुधवारी बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 25 से 30 दिनों से दो अन्य साथियों के साथ चांपा में किराए के कमरे में रह रहा था। वहां से वे आसपास के जिलों के बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर चोरी करते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने झारखंड के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र में मोबाइल चोरी करने के तरीके सीखे थे। वे पकड़े जाने से बचने के लिए गूंगा होने का नाटक करने जैसी तरकीब भी अपनाते थे।
पूछताछ में पुलिस को चोरी के मोबाइल दूसरे राज्यों तक पहुंचाए जाने के नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी के फोन झारखंड ले जाए जाते थे और वहां से नेपाल भेजे जाते थे।



