यूपी कांग्रेस में बड़ा बदलाव: आराधना मिश्रा ‘मोना’ बनीं प्रदेश अध्यक्ष, इमरान मसूद को मिली कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी

लखनऊ: 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने अपने पुराने वोटबैंक को वापस साधने की बड़ी रणनीति के तहत प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से लगातार तीन बार की विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को अजय राय की जगह यूपी कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही, सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
सोशल इंजीनियरिंग और पारंपरिक वोटबैंक पर फोकस
शुक्रवार देर शाम जारी किए गए संगठनात्मक बदलावों से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस अपने 80 के दशक वाले पारंपरिक बेस वोटर—ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम—की तरफ लौटती दिख रही है। मौजूदा यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम दलित (जाटव) समुदाय से आते हैं, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ब्राह्मण हैं, और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद मुस्लिम चेहरे के तौर पर सामने आए हैं।
ओबीसी वर्ग को साधने के लिए पार्टी ने वीरेंद्र चौधरी को कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता नियुक्त किया है। इसके अलावा, देवेंद्र निषाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाकर निषाद समुदाय में भी मजबूत संदेश दिया गया है। गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनाव में सपा के साथ इंडिया गठबंधन में 17 सीटों पर लड़कर 6 सीटें जीतने वाली कांग्रेस, अब इसी ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के सहारे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जातियों का बड़ा गुलदस्ता सजा रही है।
पश्चिमी यूपी में दलित-मुस्लिम गठजोड़ का संदेश
सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने पश्चिमी यूपी में विशेष ध्यान केंद्रित किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदू मतदाताओं में दलितों (खासकर जाटव) की बड़ी हिस्सेदारी है। यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के जरिए पार्टी पहले ही दलितों को संदेश दे चुकी है, और अब इमरान मसूद के रूप में एक मजबूत मुस्लिम नेतृत्व आगे कर पार्टी सपा-कांग्रेस गठबंधन के लिए नई राजनीतिक संभावनाएं खड़ी करना चाहती है।
प्रियंका गांधी की करीबी और मजबूत राजनीतिक विरासत
आराधना मिश्रा ‘मोना’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह अपनी राजनीतिक विरासत की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। आराधना मिश्रा को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी दोनों के कैंप में बेहद भरोसेमंद माना जाता है। उनके जरिए कांग्रेस न सिर्फ अपने छिटके हुए ब्राह्मण वोटरों को बल्कि प्रदेश की ‘आधी आबादी’ (महिला मतदाताओं) को भी सकारात्मक संदेश देना चाहती है। इसके साथ ही, उनके नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के साथ समन्वय भी ज्यादा सहज होने की उम्मीद है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर आराधना मिश्रा ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा, “पार्टी नेतृत्व का बहुत आभार कि उसने मुझे यह जिम्मेदारी दी है। मैं पार्टी के हर कार्यकर्ता और वरिष्ठों को साथ लेकर चलूंगी। 2027 में कांग्रेस की सरकार बनेगी। अब वक्त कम है, लिहाजा हम सब ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करेंगे।”
अजय राय के योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा
पार्टी नेतृत्व ने निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान की भी सराहना की है। अगस्त 2023 में प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने वाले अजय राय ने पिछले तीन वर्षों में यूपी कांग्रेस में नई जान फूंकने का काम किया। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को जमीन पर उतारने और मजबूत ‘केमिस्ट्री’ बनाने में उनकी अहम भूमिका रही, जिसके कारण कांग्रेस यूपी में 1 से बढ़कर 6 सीटों पर पहुंचने में कामयाब रही। अजय राय ने भी पार्टी के इस फैसले का स्वागत करते हुए नई टीम को शुभकामनाएं दी हैं और शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।



