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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भोपाल दौरा: 500 करोड़ के अत्रि कैंपस का शिलान्यास और गोपालक सम्मेलन को करेंगे संबोधित

भोपाल: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। मध्य प्रदेश को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री का यह पहला राज्य दौरा है, जिसमें प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया जा रहा है। अमित शाह शुक्रवार रात 12:15 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, जहां विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनका स्वागत किया।

भौरी के IISER में ‘अत्रि’ कैंपस की आधारशिला

केंद्रीय गृह मंत्री आज भोपाल बायपास स्थित भौरी के भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) में ‘अत्रि’ रिसर्च एवं इनोवेशन कैंपस की आधारशिला रखेंगे। लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से 52 एकड़ में बनने वाला यह ‘अत्रि’ कैंपस कई मायनों में खास होगा। इस अत्याधुनिक केंद्र में एआई-रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, एडवांस्ड मैटेरियल्स, क्लाइमेट साइंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में एडवांस रिसर्च की जाएगी।

भेल दशहरा मैदान में राज्यस्तरीय गोपालक सम्मेलन

शनिवार को अमित शाह भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित विशाल राज्यस्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से 35 हजार से अधिक गोपालक और सहकारी दुग्ध उत्पादक समितियों के सदस्य शामिल होंगे। अपने इस दौरे पर वे देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता) के मध्य प्रदेश में क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे और आंतरिक सुरक्षा को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक भी करेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पुलिस अलर्ट

केंद्रीय गृह मंत्री के वीवीआईपी दौरे और कुछ संगठनों द्वारा संभावित विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए भोपाल पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा के लिहाज से शहर में जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। पुलिस विरोध प्रदर्शन को टालने के लिए कांग्रेस नेताओं की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है। इसी कड़ी में नरेला क्षेत्र में कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला को एहतियातन उनके कार्यालय में ही नजरबंद किया गया है।

मनोज तिवारी

पारंपरिक परिवार से आते हैं। घर में पूजा-पाठ, बड़ों का सम्मान और सादा रहन-सहन रहा। उन्होंने जीवन में धैर्य और संयम सीखा। उन्हें मंदिर के प्रांगण में बैठना, गंगा किनारे की यादें और पुराने रिश्तों को जीवित रखना अच्छा लगता है। वे कम शब्दों में बात करते हैं, लेकिन बात पूरी होती है।

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