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सुप्रीम कोर्ट 5 अक्टूबर को 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के स्थानांतरण पर सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) के स्थानांतरण से जुड़े मामले पर सुनवाई करेगा। अदालत ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ मामले की सुनवाई करेगी।

मामला 3 अक्टूबर को दर्ज किया गया। इसका शीर्षक है, “In Re: 135-Yr-Old Library 8.5 Lakh Books– And No Room In The New Central Vista Plan”। अदालत का यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना में लाइब्रेरी और उसके संग्रह के लिए पर्याप्त जगह तय नहीं हो पाई है।

लाइब्रेरी और उसका संग्रह

सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी की स्थापना 1891 में कोलकाता में इम्पीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के रूप में हुई थी। 1911 में ब्रिटिश सरकार ने राजधानी कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित की, तो लाइब्रेरी भी दिल्ली आ गई। बाद में यह नॉर्थ ब्लॉक में रही और 1969 से शास्त्री भवन में है।

लाइब्रेरी संस्कृति मंत्रालय के अधीन काम करती है। इसमें 8.5 लाख से अधिक पुस्तकें हैं। संग्रह में दुर्लभ पुस्तकें, सरकारी प्रकाशन, आधिकारिक रिकॉर्ड और गजेटियर शामिल हैं। यह देश के सबसे बड़े केंद्रीय सरकारी पुस्तकालयों में से एक मानी जाती है। कोलकाता की नेशनल लाइब्रेरी के बाद इसका स्थान आता है।

वर्तमान में लाइब्रेरी शास्त्री भवन की चार मंजिलों पर करीब 5,500 वर्ग मीटर में फैली है। यहां सरकारी अधिकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी आते हैं।

स्थानांतरण को लेकर विवाद

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत शास्त्री भवन को ध्वस्त करने का प्रस्ताव है। 17 सितंबर को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने शास्त्री भवन में स्थित मंत्रालयों और विभागों को पत्र लिखकर परिसर खाली करने को कहा था, ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके।

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के एस्टेट निदेशालय ने जनवरी में कर्तव्य भवन-2 में करीब 300 वर्ग मीटर के दो कमरे लाइब्रेरी के लिए आवंटित किए थे। संस्कृति मंत्रालय ने फरवरी में जवाब दिया कि यह जगह पूरे संग्रह और सुविधाओं के लिए अपर्याप्त है और पूरा स्थानांतरण संभव नहीं है।

रिपोर्टों में कहा गया कि आवास मंत्रालय और CPWD लाइब्रेरी के लिए उपयुक्त जगह तलाश रहे थे। इन्हीं चिंताओं के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया।

सरकार का स्पष्टीकरण

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने 1-2 अक्टूबर के आसपास स्पष्ट किया कि कुछ रिपोर्टों के विपरीत, कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के लिए जगह दी गई है और निर्माण की आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।

सोमवार की सुनवाई में अदालत लाइब्रेरी के भविष्य, उसके संग्रह की सुरक्षा और नई जगह की पर्याप्तता से जुड़े मुद्दों पर विचार कर सकती है। अभी इस मामले में कोई अंतिम आदेश नहीं आया है।

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