छत्तीसगढ़

KORBA NEWS:बांगो जल विद्युत गृह में आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल सफल, सात मिनट में आग पर पाया काबू

कोरबा, 8 अक्टूबर। हसदेव बांगो जल विद्युत गृह, माचाडोली में बुधवार को आपदा प्रबंधन एवं इमरजेंसी रिस्पांस के तहत मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। मॉकड्रिल के दौरान ट्रांसफार्मर यार्ड में भीषण आग लगने की काल्पनिक आपातकालीन स्थिति निर्मित कर फायर एवं इमरजेंसी रिस्पांस टीम की तत्परता, समन्वय और अग्निशमन क्षमता का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान इमरजेंसी सायरन बजते ही फायर एवं इमरजेंसी रिस्पांस टीम तत्काल सक्रिय हुई और निर्धारित प्रक्रिया के तहत घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण की कार्रवाई शुरू की। फायर स्टाफ ने करीब सात मिनट में आग पर प्रभावी रूप से नियंत्रण पाने का प्रदर्शन किया।

मॉकड्रिल के दौरान ट्रांसफार्मर यार्ड में आग को अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य वास्तविक आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर दुर्घटना को नियंत्रित करने का अभ्यास कराना था।

मॉकड्रिल का आयोजन अधीक्षण यंत्री (संचालन एवं संधारण) राकेश चंद्र गुप्ता के दिशा-निर्देशन एवं नेतृत्व में किया गया। इस दौरान अधीक्षण यंत्री (सेफ्टी) राजेश बंजारा, सेफ्टी ऑफिसर पीयूष सोमानी, फायर ऑफिसर पानरिया सहित प्लांट के अधिकारी, कर्मचारी और सिक्योरिटी स्टाफ उपस्थित रहे।

मॉकड्रिल के दौरान फायर ऑफिसर एवं फायर स्टाफ ने अधिकारियों, कर्मचारियों तथा ठेका श्रमिकों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और आग बुझाने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। कर्मचारियों को आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं, टीमवर्क और त्वरित कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर राकेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में समय का प्रत्येक क्षण बेहद महत्वपूर्ण होता है। बिना निरंतर अभ्यास और तैयारी के किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करना कठिन है। नियमित मॉकड्रिल से कर्मचारियों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सदैव सजग, सतर्क और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।

मॉकड्रिल में राकेश चंद्र गुप्ता, राजेश बंजारा, सुनील कुमार टोप्पो, रामसिंह उइके, पीयूष सोमानी, हीरेंद्र पाल, अमित कंवर, पानरिया सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे। अंत में प्रबंधन ने मॉकड्रिल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, फायर एवं सिक्योरिटी स्टाफ तथा ठेका श्रमिकों का आभार व्यक्त किया।

सुनीता सिंह

एक जिम्मेदार और परिवार-केंद्रित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखा है। पढ़ाई और घर संभालने के साथ-साथ समाज के छोटे कामों में भी रुचि रखती हैं। उन्हें बच्चों से बात करना, त्योहारों की तैयारी और घर की पुरानी यादें संजोना अच्छा लगता है। उनकी भाषा सरल है और सोच स्पष्ट।

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