हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षक और शिक्षक परीक्षा पर लगाई रोक

दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं देने का आरोप
राज्य सरकार से जवाब तलब,11और25अक्टूबर को होनी थीं परीक्षाएं
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 9अक्टूबर।छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने दोनों पदों की लिखित परीक्षाओं पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को लेकर दायर याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था को चुनौती दी गई है।
राज्य सरकार ने सहायक शिक्षक और शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें आरक्षण के प्रावधानों और रोस्टर को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुंगटा ने पक्ष रखा।
याचिका में सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा गया कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित पदों का प्रावधान तो किया गया है,लेकिन पूरी तरह दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को इसका लाभ नहीं दिया गया। इससे ऐसे अभ्यर्थी सहायक शिक्षक भर्ती में अवसर से वंचित हो रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि आरक्षण लागू करने के तरीके में खामी के कारण पूरी तरह दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में बराबरी का अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसे संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए भर्ती विज्ञापन की शर्तों और आरक्षण रोस्टर को चुनौती दी है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
भर्ती परीक्षाओं की तैयारियां पूरी की जा रही थीं। तय कार्यक्रम के मुताबिक सहायक शिक्षक की लिखित परीक्षा11अक्टूबर और शिक्षक पद की परीक्षा25अक्टूबर को होनी
सहायक शिक्षक भर्ती के तहत कुल2,292पद भरे जाने हैं। इनमें ई-संवर्ग के795और टी-संवर्ग के1,497पद शामिल हैं। आरक्षण व्यवस्था को लेकर कानूनी अड़चन आने से फिलहाल इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया रुक गई है।



