चिराग पासवान ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर अपनी ही एनडीए सरकार से सवाल किए, सहयोगी दलों में प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और पुलिस-प्रशासन पूरी तरह लाचार नजर आ रहा है। उनके बयान के बाद एनडीए के अंदर सियासी हलचल बढ़ गई है।
मीडिया से बातचीत और एक टीवी कार्यक्रम में चिराग पासवान ने कहा कि आज की तारीख में बिहार में कोई खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा, “यह चिंता छोटी नहीं है। मैं इस सरकार में सहयोगी हूं और इस सवाल से नहीं भाग सकता। मैं खुद शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं। अभी जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।”
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बिहार की छवि प्रभावित हो रही है और बेटियों के मन में असुरक्षा का भाव पैदा हो गया होगा। चिराग पासवान के अनुसार, शाम को घर से निकलने से पहले बच्चियां सोचने पर मजबूर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिस सरकार का वे हिस्सा हैं, अगर वह सुरक्षा की भावना नहीं दे पा रही है तो वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
चिराग पासवान ने पुलिस और प्रशासन को पूरी तरह निकम्मा बताते हुए कहा कि अब उनके बस में बिहार और बिहारियों को सुरक्षित रखना नहीं रह गया है। उन्होंने राज्य सरकार से समय रहते सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि अगर अपराध पर नियंत्रण नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
जदयू मंत्रियों का जवाब
चिराग पासवान के बयान पर बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान एनडीए के बड़े नेता हैं, लेकिन उन्होंने उनका यह बयान नहीं सुना है। यह उनका व्यक्तिगत बयान हो सकता है और इस पर टिप्पणी करने का अधिकार उन्हें नहीं है।
जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि बिहार में कानून-व्यवस्था सामान्य और बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी अपराधी को बख्शने के मूड में नहीं है और हर आपराधिक घटना पर पुलिस तुरंत सख्त कार्रवाई कर रही है।
चिराग पासवान के बयान को एनडीए के घटक दलों के बीच बढ़ती दूरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष ने भी इस बयान का हवाला देते हुए सरकार पर हमला बोला है और पूछा है कि अगर स्थिति इतनी खराब है तो वे गठबंधन में क्यों बने हुए हैं।
बिहार में हाल के महीनों में महिलाओं और बच्चियों से जुड़ी कुछ घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था का मुद्दा फिर से चर्चा में आया है। चिराग पासवान इससे पहले भी समय-समय पर राज्य में अपराध की स्थिति पर चिंता जताते रहे हैं।



