छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार में किसानों के लिए खाद खरीदी की नई व्यवस्था शुरू, मोबाइल ऐप से टोकन लेकर जिले के किसी भी केंद्र से खरीद सकेंगे उर्वरक

  • एफएफएस ऐप के जरिए होगी ऑनलाइन बुकिंग, 48 घंटे के भीतर टोकन दिखाकर निर्धारित दर पर मिलेगा खाद

बलौदाबाजार, 06 नवंबर 2026। जिले में किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए टोकन आधारित खाद विक्रय प्रणाली शुरू कर दी गई है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में 5 नवंबर 2026 से यह व्यवस्था आधिकारिक रूप से लागू हो गई है। अब किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन बुक कर जिले के किसी भी अधिकृत उर्वरक विक्रय केंद्र से अपनी जमीन के रकबे और फसल के अनुसार अनुशंसित खाद खरीद सकेंगे।

इस नई व्यवस्था के तहत किसान फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FFS) मोबाइल ऐप का उपयोग कर ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। ग्राम सकरी के किसान रिखी राम वर्मा ने एफएफएस ऐप के माध्यम से टोकन बुक कर सफलतापूर्वक खाद खरीदी। उन्होंने इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बताया।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा तैयार किए गए इस मोबाइल ऐप का उद्देश्य उर्वरकों के वितरण, बिक्री और मूल्य नियंत्रण में पारदर्शिता लाना है। किसान अपने मोबाइल के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल या सीएससी केंद्र के माध्यम से भी टोकन बुक करा सकते हैं। इसके बाद वे अपनी सुविधानुसार जिले के किसी भी अधिकृत खाद विक्रय केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

नई व्यवस्था से किसानों को समय पर उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के साथ ही कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही उर्वरक सब्सिडी का लक्षित वितरण सुनिश्चित करने और कृषि लागत नियंत्रित करने में भी यह प्रणाली उपयोगी होगी।

ऐसे करें मोबाइल ऐप से खाद की बुकिंग

किसानों को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद राज्य का चयन कर आधार नंबर या किसान आईडी दर्ज करनी होगी। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करने के बाद भूमि का विवरण और वर्तमान फसल की जानकारी भरनी होगी।

जमीन के रकबे और फसल के आधार पर ऐप में यूरिया, डीएपी सहित अनुशंसित उर्वरकों की मात्रा प्रदर्शित होगी। इसके बाद किसान सूची में से अधिकृत खाद विक्रय केंद्र का चयन कर बुकिंग पूरी कर सकते हैं। बुकिंग के बाद मोबाइल स्क्रीन पर डिजिटल टोकन नंबर या क्यूआर कोड जनरेट होगा।

किसानों को इस टोकन या क्यूआर कोड के आधार पर 48 घंटे के भीतर चयनित विक्रय केंद्र पहुंचना होगा। वहां पीओएस मशीन पर कोड स्कैन और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद निर्धारित सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराया जाएगा।

इस नई प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। इनमें उर्वरक विक्रेताओं को नई कार्यप्रणाली की जानकारी देकर किसानों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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