बस्ती: 63 करोड़ के अटल आवासीय विद्यालय में जलभराव, घुटनों तक पानी में पढ़ाई को मजबूर छात्र, 10 अक्टूबर तक छुट्टी

बस्ती। हर्रैया तहसील के बसहवा (बसेवा राय) में करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से बने अटल आवासीय विद्यालय में भारी बारिश के बाद फिर जलभराव हो गया है। परिसर में डेढ़ से दो फीट तक बदबूदार पानी जमा है। हॉस्टल, कक्षाओं, मुख्य मार्ग और प्रशासनिक भवन के आसपास पानी भरा होने से छात्र घुटनों तक पानी में चलकर कक्षा तक पहुंचने को मजबूर हैं। सुरक्षा को देखते हुए कक्षा 6 से 11 के छात्रों को 10 अक्टूबर 2026 तक अभिभावकों के पास भेज दिया गया है।
विद्यालय 2023 में शुरू हुआ था। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, उद्घाटन के बाद से हर मानसून में परिसर जलमग्न होता रहा है। समस्या वर्ष 2024 से लगातार दर्ज की जा रही है। हाल की रिपोर्टों में विद्यालय की लागत करीब 63 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह आंकड़ा 63.59 करोड़ रुपये है। विद्यालय में वर्तमान में सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। एक रिपोर्ट में प्रभावित छात्रों की संख्या करीब 860 बताई गई है।
निचली जमीन और नाले का ओवरफ्लो मुख्य कारण
स्थानीय लोगों और रिपोर्टों के अनुसार, निर्माण के समय विद्यालय को अपेक्षाकृत निचली जमीन पर बनाया गया और प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई। मनोरमा नदी से जुड़े अर्जनी नाले के ओवरफ्लो का पानी बारिश में परिसर में घुस जाता है। तेज बारिश या नदी-नाले का जलस्तर बढ़ने पर हॉस्टल से लेकर कक्षाओं, बाउंड्री वॉल और प्रशासनिक भवन तक पानी फैल जाता है। जमा पानी में मच्छर और अन्य जीवों की आशंका के चलते डेंगू, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बताया जा रहा है।
प्रधानाचार्य ने समस्या स्वीकार की
विद्यालय के प्रधानाचार्य पूरण चंद्र ने जलभराव की समस्या स्वीकार की है। उनके अनुसार, उच्च अधिकारियों और संबंधित निर्माण संस्था को कई बार लिखित में सूचित किया जा चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक, मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने मौके का निरीक्षण भी किया था, लेकिन निरीक्षण के बाद भी जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
विभाग ने पत्र लिखा, छुट्टी घोषित
श्रम विभाग के इंस्पेक्टर श्यामसुंदर शुक्ला ने बताया कि हर्रैया तहसील के बसेरा कुंवर गांव स्थित अटल आवासीय विद्यालय में अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव हुआ है। जिलाधिकारी और आयुक्त के निर्देश पर निर्माण विभाग को तात्कालिक व्यवस्था के लिए पत्र लिखा गया है। फिलहाल बच्चों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। श्रम विभाग की अपर आयुक्त रचना केशरवानी के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि परिसर में डेढ़ से दो फीट पानी जमा है और यह सीढ़ियों तथा हॉस्टल के प्रवेश द्वार तक पहुंच चुका है। कक्षा 6 से 11 के छात्रों को 10 अक्टूबर तक घर भेजा गया है। स्थिति सामान्य रही तो 11 अक्टूबर से विद्यालय दोबारा खुल सकता है।
स्थायी समाधान पर 8.50 करोड़ की योजना
अमर उजाला की 4 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जलभराव के स्थायी समाधान के लिए 8.50 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने बताया कि इस योजना पर काम किया जाएगा। 63 करोड़ की मूल परियोजना में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था न होने पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि नाले के ओवरफ्लो और निचली जमीन के कारण समस्या बार-बार बन रही है, जबकि स्थानीय लोग और विद्यालय प्रबंधन स्थायी निकासी की मांग कर रहे हैं।



