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इंडिया गठबंधन के सांसद आज संसद भवन से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च निकालेंगे, SIR और कथित अनियमितताओं का विरोध

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026: इंडिया गठबंधन के सांसद मंगलवार को संसद भवन से भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन तक पैदल मार्च निकालेंगे। यह मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में निकाला जा रहा है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा कि मार्च सुबह 10:30 बजे शुरू होगा और इसका स्वरूप शांतिपूर्ण रहेगा।

यह फैसला 30 सितंबर को संविधान क्लब में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में लिया गया था। बैठक में करीब 19 दलों के नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक देश भर के जिला मुख्यालयों पर “सेव डेमोक्रेसी” मार्च होंगे और 6 अक्टूबर को लोकसभा व राज्यसभा के विपक्षी सांसद चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा कि तारीख इसलिए आगे रखी गई ताकि अधिक से अधिक सांसद शामिल हो सकें। संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की दूरी करीब तीन किलोमीटर बताई जा रही है।

विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं रही। खरगे ने बैठक में कहा था कि मसौदा सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का दावा किया गया है। गठबंधन की ओर से रखी गई मांगों में भविष्य के चुनावों के लिए SIR से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल, नाम जोड़ने-हटाने और सुधार की बूथवार जानकारी का सार्वजनिक होना, नाम हटाने से पहले नोटिस और अपील का प्रभावी अवसर, तथा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर से मतदान शामिल हैं। कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।

बैठक में कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राजद के तेजस्वी यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती समेत अन्य नेता शामिल हुए। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअल माध्यम से जुड़े। स्वतंत्र सांसद कपिल सिब्बल भी बैठक में मौजूद रहे।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार आम आदमी पार्टी इस मार्च में शामिल नहीं हो रही है। द्रमुक के 30 सितंबर की बैठक में शामिल न होने की भी खबरें हैं। दिल्ली इकाई के स्तर पर गठबंधन दलों ने 7 और 8 अक्टूबर को जिला स्तरीय प्रदर्शन और 7 नवंबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर विरोध का अलग कार्यक्रम भी घोषित किया है। राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली और अक्टूबर-नवंबर में अन्य शहरों में रैलियों की योजना पर भी काम कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मुलाकात का समय मांगकर कथित अनियमितताओं का ज्ञापन देने की बात कह चुके हैं।

चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया बताता रहा है। आयोग की ओर से विपक्ष के आरोपों पर इस मार्च के संदर्भ में ताजा सार्वजनिक प्रतिक्रिया रिपोर्टों में सामने नहीं आई है। वर्ष 2025 में भी इंडिया गठबंधन के सांसद बिहार SIR को लेकर संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाल चुके हैं, जिसमें कई सांसदों को हिरासत में लिया गया था और बाद में छोड़ दिया गया था।

मंगलवार का मार्च गठबंधन के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसमें जिला स्तर के प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट में लंबित SIR संबंधी मामलों की शीघ्र सुनवाई की अपील और राष्ट्रपति को ज्ञापन शामिल हैं। पुलिस से मार्च न रोकने का अनुरोध किया गया है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण प्रदर्शन के रूप में बताया जा रहा है।

कविता मिश्रा

घर-गृहस्थी के बीच पली-बढ़ीं। परिवार, रिश्ते और रोजमर्रा के काम उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा रहे। उन्हें किचन में समय बिताना, त्योहारों की तैयारी और पड़ोसियों से बात करना अच्छा लगता है। वे चुपचाप देखती हैं और मन में बातें रखती हैं। उनकी सोच घर और आसपास के जीवन से निकली हुई है।

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