बिजली कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने चार जिलों की विद्युत व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की निर्बाध आपूर्ति व स्मार्ट मीटर कार्यों पर जोर
राजनांदगांव :- छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार जिलों—राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की विद्युत वितरण व्यवस्था, अधोसंरचना निर्माण एवं रखरखाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्मार्ट मीटर स्थापना, कृषि पंप कनेक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन लॉस में कमी लाने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “उपभोक्ताओं को सुरक्षित, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना बिजली कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मरों तथा सबस्टेशनों का नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाए। तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि बिजली आपूर्ति में अनावश्यक व्यवधान न हो।
बैठक में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत स्मार्ट मीटर स्थापना के कार्यों की समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने और उपभोक्ताओं को बिलिंग प्रक्रिया के संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा बैठक में निम्नलिखित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई:
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर के प्रति जागरूक करने और आवेदन प्रक्रिया में मदद करने के निर्देश।
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना: पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ पहुँचाना।
मुख्यमंत्री शहरीय विद्युतीकरण व मजराटोला योजना: निर्धारित समय-सीमा के भीतर विद्युतीकरण कार्यों को पूर्ण करना।
कृषि उपभोक्ताओं के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्रबंध निदेशक ने नियोजित तरीके से विद्युत अधोसंरचना का विस्तार कर नए कृषि पंप कनेक्शन जल्द से जल्द जारी करने के निर्देश दिए।
साथ ही, डिस्ट्रीब्यूशन लॉस एवं एटीएंडसी लॉस घटाने के लिए विद्युत के अनधिकृत उपयोग पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने और नियमित बिलिंग व पेंडिंग असेसमेंट प्रकरणों का निराकरण कर बकाया राजस्व की योजनाबद्ध वसूली करने पर बल दिया गया।
बैठक में विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मेंटेनेंस के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने को कहा गया। प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मर, मीटर या बिलिंग से जुड़ी उपभोक्ता शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक (वित्त) रायपुर नवीन कुमार ठाकुर, राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता हर्श कुमार मेश्राम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता मंगल तिर्की, अधीक्षण अभियंता शंकेश्वर कंवर, एस.के. बण्ड, खूबचंद खोटे सहित क्षेत्र के सभी कार्यपालन अभियंता उपस्थित रहे।
