हिसार में ACB की बड़ी कार्रवाई: विधुर पेंशन बनवाने के नाम पर 2500 रुपये की रिश्वत लेते ई-दिशा केंद्र का ऑपरेटर गिरफ्तार

हिसार: हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए हिसार के एडीसी (ADC) कार्यालय स्थित ई-दिशा केंद्र में बड़ी कार्रवाई की है। ACB की टीम ने यहां तैनात एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को 2,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान विजेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRNL) के तहत ई-दिशा केंद्र में कार्यरत था।
विधुर पेंशन बनवाने के एवज में मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, हिसार के न्यू ऋषि नगर निवासी विनोद कुमार ने ACB को दी गई अपनी शिकायत में बताया था कि वह पेशे से एक प्राइवेट ड्राइवर हैं। 25 जनवरी 2026 को उनकी पत्नी कविता का निधन हो गया था। इसके बाद उन्होंने करीब 4-5 महीने पहले अपनी विधुर पेंशन शुरू करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
लंबे समय तक पेंशन न बनने के कारण विनोद कुमार कई बार ई-दिशा केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर विजेंद्र से मिले। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को जब विनोद दोबारा अपना काम करवाने के लिए विजेंद्र के पास पहुंचे, तो ऑपरेटर ने पेंशन का काम पूरा करने की एवज में सीधे तौर पर 2,500 रुपये की रिश्वत की मांग की। विनोद ने समझदारी दिखाते हुए इस पूरी बातचीत का ऑडियो अपने रिकॉर्डिंग डिवाइस में कैद कर लिया और तुरंत इसकी शिकायत ACB को दे दी।
राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में बिछाया गया जाल
ऑडियो सबूत और शिकायत के आधार पर ACB हिसार की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए एक ट्रैप (जाल) की योजना बनाई। इस कार्रवाई को पारदर्शी बनाने के लिए राजकीय महाविद्यालय (मंगाली) की प्राचार्य अंजू चौधरी को बतौर राजपत्रित अधिकारी (ड्यूटी मजिस्ट्रेट) नियुक्त किया गया।
योजना के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता विनोद कुमार ने आरोपी विजेंद्र को केमिकल लगे 2,500 रुपये सौंपे, वैसे ही वहां पहले से मुस्तैद इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व वाली ACB टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



