छत्तीसगढ़

खदान हादसों पर मंथन, ठेका मजदूरों की सुरक्षा पर जोर

तकनीक, ट्रेनिंग और जोखिम पहचान पर चर्चा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 9 अक्टूबर। कोयला खदानों में हादसों को रोकने और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के मुद्दे पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय में 50वीं त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में खदानों में जोखिम की पहचान, दुर्घटनाओं की रोकथाम, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता खान सुरक्षा महानिदेशालय के उत्तरी क्षेत्र, गाजियाबाद के उप महानिदेशक नीरज कुमार ने की। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।

दुहान ने कहा कि एसईसीएल में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित खनन के लिए सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और हर स्तर पर जागरूकता जरूरी है। उन्होंने सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

बैठक में एसईसीएल के निदेशक कार्मिक बिरंची दास, निदेशक वित्त डी. सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) नरेंद्रनाथ सहित मुख्यालय और विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में विभिन्न खनन क्षेत्रों के महाप्रबंधकों और सुरक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति और किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। ठेका मजदूरों की सुरक्षा, उन्हें जरूरी प्रशिक्षण देने और तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन कराने पर विशेष जोर दिया गया। ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।

अधिकारियों ने खदानों में संभावित खतरों की समय रहते पहचान, दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया। सुरक्षा संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुति के जरिए साझा की गई।

बैठक में खान सुरक्षा महानिदेशालय के विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों और कंपनी की सुरक्षा समिति से जुड़े श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। इनमें लगभग सभी मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए नियमित प्रशिक्षण, जोखिम की समय पर पहचान और कर्मचारियों से लेकर ठेका मजदूरों तक सभी की भागीदारी जरूरी है। दुर्घटनामुक्त खनन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसियों और ठेका कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल पर सहमति जताई गई।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button