प्रस्तावित यूपीआई शुल्क स्थगन पर कैट ने मोदी और सीतारमण का जताया आभार

रायपुर, 15 अक्टूबर। व्यापारिक संगठन अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, उपाध्यक्ष सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया किकैट ने एकीकृत भुगतान प्रणाली (यूपीआई) के लेन-देन पर प्रस्तावित व्यापारी छूट दर (एमडीआर) शुल्क को स्थगित करने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।
श्री पारवानी ने बताया कि संगठन ने व्यापारियों की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। त्योहारी एवं विवाह के मौसम में यह निर्णय समयानुकूल और व्यावहारिक है। इस अवधि में देशभर के लाखों व्यापारी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अपने कारोबार से बड़ी उम्मीदें रखते हैं। ऐसे समय में अतिरिक्त लेन-देन शुल्क से सीमित लाभ पर काम करने वाले व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ सकता था और डिजिटल भुगतान अपनाने की गति भी प्रभावित हो सकती थी।
श्री पारवानी ने बताया कि यह निर्णय 30 सितंबर 2026 को हुई उस बैठक के बाद आया है, जिसमें कैट के नेतृत्व में लगभग 20 प्रमुख व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत व्यापारी छूट दर शुल्क के संभावित प्रभावों से उन्हें अवगत कराया था। इस बीच, कैट देशभर के व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापारियों की चिंताओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए निरंतर समन्वय और संवाद कर रहा है।

