सहकारिता और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक : सुनील।

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
सहकारिता विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आज देवकीनंदन सभागृह, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल बिलासपुर प्रांगण में सेवा सहकारी समितियों के प्रभारी अधिकारियों, प्रभारी प्रबंधकों एवं पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। बिलासपुर एवं मुंगेली जिले की 200 समितियों के प्रतिनिधियों की सहभागिता वाली इस कार्यशाला का शुभारंभ संभागायुक्त सुनील जैन एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी के सुचारू संचालन, पैक्स कंप्यूटरीकरण तथा समितियों के बेहतर प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया।संभागायुक्त सुनील जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि सहकारिता और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक तथा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने सहकारिता के ऐतिहासिक विकास का उल्लेख करते हुए समितियों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण की महत्ता बताई। उन्होंने आगामी धान खरीदी की तैयारियों पर चर्चा करते हुए समिति कर्मचारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित करने पर जोर दिया।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आगामी धान खरीदी व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए उपार्जन केंद्रों की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने सहकारी खेती, जैव उर्वरक, बायोगैस एवं वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया। कलेक्टर ने कहा कि दुनिया भर की सहकारी समितियों के अच्छे प्रयासों को सीखने और समझने के साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी समितियों में लागू किया जाना चाहिए।कार्यशाला में संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त सहकारिता बिलासपुर, सहायक आयुक्त सहकारिता मुंगेली, खाद्य नियंत्रक बिलासपुर सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों एवं तीन मास्टर ट्रेनरों ने सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक सहकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। सहभागी समिति कर्मचारियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए आयोजन की सराहना की।



