कोल इंडिया ने बनाया नया रिकॉर्ड, अक्टूबर में पहली बार 7.03 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अक्टूबर 2026 में अब तक की सर्वाधिक मासिक कोयला आपूर्ति दर्ज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने पहली बार एक महीने में 7 करोड़ टन का आंकड़ा पार करते हुए कुल 7.03 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति की। पिछले वित्तीय वर्ष के अक्टूबर महीने में कंपनी ने 5.92 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति की थी। इस लिहाज से सालाना आधार पर आपूर्ति में लगभग 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
कंपनी का यह प्रदर्शन देश में बिजली की बढ़ती मांग और ताप विद्युत संयंत्रों की कोयले की जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले कोल इंडिया की सर्वाधिक मासिक कोयला आपूर्ति का रिकॉर्ड मार्च 2026 में बना था, जब कंपनी ने 6.94 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति की थी। अक्टूबर में दर्ज नया आंकड़ा इस रिकॉर्ड से भी आगे निकल गया है।
कोल इंडिया ने बिजली क्षेत्र को भी रिकॉर्ड कोयला आपूर्ति की है। अक्टूबर 2026 के दौरान ताप विद्युत संयंत्रों को कुल 5.71 करोड़ टन कोयला उपलब्ध कराया गया, जो अब तक का सर्वाधिक मासिक आंकड़ा है। इससे पहले मई 2024 में बिजली क्षेत्र को 5.65 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। अक्टूबर 2025 में बिजली क्षेत्र को 4.8 करोड़ टन कोयला उपलब्ध कराया गया था। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिजली क्षेत्र की आपूर्ति में भी लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में देश के कुछ ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार कम होने की खबरों के बाद बिजली उत्पादन को लेकर चिंताएं बढ़ी थीं। ऐसे समय में कोल इंडिया की ओर से आपूर्ति में की गई वृद्धि बिजली संयंत्रों की मांग पूरी करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
दूसरी ओर, भारत के कोयला आयात में भी कमी दर्ज की गई है। कोयला मंत्रालय के अनुसार अगस्त 2026 में देश का कुल कोयला आयात 5.83 प्रतिशत घटकर 10.457 करोड़ टन रह गया, जबकि अगस्त 2025 में यह आंकड़ा 11.105 करोड़ टन था। विशेष रूप से कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में मिश्रण के लिए किए जाने वाले आयात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। घरेलू उत्पादन और आपूर्ति में वृद्धि के साथ आयात में आई कमी को देश की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।



