तीन दिन से लापता सात साल की बच्ची का शव मिला, हत्या की आशंका

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 23 अक्टूबर। राजगामार में तीन दिन से लापता सात साल की बच्ची भाव्या जोशी का शव गुरुवार को एक पोल्ट्री फार्म के पीछे झाड़ियों में मिला। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस यौन हिंसा और हत्या की आशंका सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने एक संदिग्ध का स्केच जारी कर उसकी तलाश शुरू की है।
बच्ची के पिता मूल रूप से सक्ती जिले के रहने वाले हैं। वह करीब चार महीने से परिवार के साथ कोरबा के राजगामार में रह रहे थे और पोल्ट्री फार्म में काम करते हैं।
जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:30 बजे पिता ने बच्ची को पास की राशन दुकान से घरेलू सामान लाने भेजा था। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास की सड़कों, दुकानों और रिश्तेदारों के घरों में तलाश की। बच्ची का पता नहीं चलने पर राजगामार पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस तीन दिनों से बच्ची की तलाश कर रही थी। गुरुवार को उसी पोल्ट्री फार्म के पीछे झाड़ियों में उसका शव मिला, जहां उसका परिवार रहता है। घटनास्थल ऐसी जगह है जहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही कम रहती है।
शव की स्थिति और शरीर पर चोट के निशान को देखते हुए पुलिस यौन हिंसा और हत्या की आशंका से जांच कर रही है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। मौके पर एक जूता और कुछ कपड़े मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस को बालको क्षेत्र की बेलगारी बस्ती के निवासी अमित नामक व्यक्ति पर संदेह है। बताया गया है कि वह बच्ची के परिवार के आसपास आता-जाता था और घटना वाले दिन राजगामार में देखा गया था। पुलिस ने संदिग्ध का स्केच जारी किया है और उसकी तलाश की जा रही है।



