इंडिया गठबंधन की दिल्ली बैठक: खरगे ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही

नई दिल्ली। विपक्षी इंडिया गठबंधन की बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक में चुनाव आयोग के फैसलों, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर तीखे सवाल उठाए गए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
खरगे ने कहा कि विपक्षी दलों ने लंबे समय से ईवीएम और मतदाता सूची में कथित हेरफेर के मुद्दे उठाए हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने उन पर पर्याप्त सुनवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है और “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” का सिद्धांत खतरे में है।
बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), राजद, सीपीआई(एम), सीपीआई समेत करीब 19 दलों के नेता शामिल हुए। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और उमर अब्दुल्ला जैसे नेता मौजूद रहे। कुछ दल आभासी रूप से जुड़े।
खरगे ने बैठक में कई मांगें रखीं। इनमें ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, भविष्य के चुनावों में SIR से पहले वाली मतदाता सूची का उपयोग, मतदाता सूची में हर बदलाव की पूरी पारदर्शिता, नाम कटने से पहले नोटिस और अपील का प्रभावी तंत्र, तथा ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र पर हमला हुआ है और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
बैठक के बाद गठबंधन ने संयुक्त आंदोलन का कार्यक्रम तय किया। 2 से 8 अक्टूबर तक जिलों में “लोकतंत्र बचाओ” मार्च, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ा रैली आयोजित करने का फैसला हुआ। विपक्ष संसद में CEC को हटाने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
चुनाव आयोग ने पहले आंतरिक मतभेदों के आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि आयोग के फैसले वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप हैं। सरकार या आयोग की ओर से बैठक के तुरंत बाद कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई।



