एमसीडी सदन ने 70 रोड स्वीपर और 1,000 लिटर पिकर मशीनों की खरीद को मंजूरी दी, केंद्र ने पीआरएजीएटीआई-50 पहल शुरू की

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की हाउस बैठक में मंगलवार को सफाई व्यवस्था मजबूत करने से जुड़े प्रमुख प्रस्ताव पास किए गए। सदन ने 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और बैटरी से चलने वाली 1,000 वैक्यूम आधारित लिटर पिकर मशीनें खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत ने की।
बैठक की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग मौजूद रहे। उन्होंने शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद सदन छोड़ दिया। आम आदमी पार्टी के अधिकांश निगम पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे। सत्ता पक्ष ने बैठक के आरंभ में ही एजेंडा पारित कर दिया। इसके बाद प्रदूषण, अवैध निर्माण और अन्य नागरिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
डॉ. मोनिका पंत ने बताया कि निगम 70 रोड स्वीपर मशीनें तैनात करेगा। सदन ने 1,000 वैक्यूम आधारित बैटरी चालित लिटर पिकर मशीनों की खरीद को भी मंजूरी दे दी। इन मशीनों से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई बेहतर होने की उम्मीद है। बैठक में एमसीडी अधिनियम की धारा 506(ए) के तहत दिल्ली के 48 गांवों को शहरीकृत घोषित करने का प्रस्ताव भी पास किया गया। इससे इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास में तेजी आने की संभावना है।
एजेंडा पास होने के बाद विभिन्न दलों के पार्षदों ने प्रदूषण और अवैध निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। बाद में आप के निगम पार्षद मंच की ओर वाले गेट से अंदर आने की कोशिश करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान धक्का-मुक्की हुई। अंकुश नारंग अन्य पार्षदों के साथ सदन में पहुंचे तो डिप्टी मेयर ने बैठक अगली तिथि तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी की।
पीआरएजीएटीआई-50 से स्वच्छता की निगरानी बढ़ेगी
उसी दिन केंद्र सरकार ने देश के 50 शहरों को स्वच्छता का आदर्श मॉडल बनाने के लिए पीआरएजीएटीआई-50 पहल शुरू की। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में इस पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन शहरों को नियमित सफाई से आगे बढ़कर दिखाई देने वाली स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित करने होंगे। ये शहर देश के अन्य नगरों के लिए रोल मॉडल बनेंगे।
इस पहल में दिल्ली के तीन प्रमुख निकाय—दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, एमसीडी और एनडीएमसी—शामिल हैं। हरियाणा से गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल को भी चुना गया है। कार्यक्रम के तहत कूड़ा प्रबंधन, सीवेज, उपयोग किए गए पानी का प्रबंधन, नागरिक भागीदारी और जमीन पर दिखने वाले सफाई परिणामों की तय मानकों पर निगरानी होगी।
मंत्री मनोहर लाल हर दो महीने में स्वयं समीक्षा बैठक करेंगे। स्वच्छतम पोर्टल पर पीआरएजीएटीआई जैसी डिजिटल समीक्षा व्यवस्था बनाई गई है। मंत्रालय के अधिकारी चुने गए शहरों की नियमित निगरानी और सहयोग करेंगे। स्वच्छता ऐप और समर्पित व्हाट्सऐप चैनल के जरिए नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे और सफाई में भागीदारी कर सकेंगे। निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के लिए द्वितीयक संग्रह केंद्र बनाने की मानक प्रक्रिया और घर से कचरा अलग करने संबंधी दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।



