स्कूल में दस्तावेज अब तय समय में मिलेंगे

छात्रों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 6अक्टूबर।परीक्षा के बाद जरूरी दस्तावेजों के लिए छात्रों और अभिभावकों को अब बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी कानून के तहत तय समयसीमा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
डुप्लीकेट माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकसूची से लेकर उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना,पुनर्मूल्यांकन और उसकी फोटो कॉपी हासिल करने जैसी सेवाओं के लिए60दिन की समयसीमा तय की गई है।
बिलासपुर में आए शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि उच्च शिक्षा में दाखिले,छात्रवृत्ति,प्रतियोगी परीक्षाओं और दूसरे शैक्षणिक कामों के लिए समय पर दस्तावेज मिलना जरूरी है। मगर, किसी छात्र को अपने ही दस्तावेज हासिल करने के लिए परेशानी उठानी पड़े,यह स्वीकार्य नहीं है। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें छात्र अपना समय पढ़ाई और भविष्य की तैयारी में लगाए,न कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने में।
नई व्यवस्था में डुप्लीकेट माइग्रेशन सर्टिफिकेट और डुप्लीकेट अंकसूची जारी करने के लिए60दिन की समयसीमा रखी गई है। इसी तरह उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना,पुनर्मूल्यांकन और उसकी फोटो कॉपी देने की प्रक्रिया भी तय समय के भीतर पूरी करनी होगी।
इससे परीक्षा संबंधी कामकाज में देरी कम होने और छात्रों को अपनी आगे की पढ़ाई से जुड़े फैसले समय पर लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने अधिकारियों को छात्रों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
लोक सेवा गारंटी कानून के तहत सेवाओं को समय से जोड़ने से अब इन कामों में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। खासकर वे छात्र इससे सीधे लाभान्वित होंगे जिन्हें आगे की पढ़ाई,प्रवेश,छात्रवृत्ति या प्रतियोगी परीक्षा के लिए डुप्लीकेट दस्तावेज अथवा अपनी उत्तर पुस्तिका की कॉपी की जरूरत पड़ती है।


