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सरायपाली पहुंचने से पहले पकड़ी गई नशे की खेप, तीन गिरफ्तार, अब पुलिस जांच में तलाशे जाएंगे नेटवर्क के कनेक्शन।

विकास नंद/ सर्वव्यापी

ओडिशा के पदमपुर से सरायपाली की ओर लाई जा रही प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप को महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर पकड़ लिया। सिरपुर फॉरेस्ट नाका पर बलौदा पुलिस की जांच के दौरान मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों के कब्जे से 13 नग प्रतिबंधित सिरप और 79 नग प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 6 अक्टूबर की रात करीब 8:25 बजे सिरपुर फॉरेस्ट नाका पर वाहनों की जांच चल रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 06 एचसी 7516 पर तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने वाहन को रोककर सवार युवकों से पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी में CODEINE PHOSPHATE AND TRIPROLIDINE HYDROCHLORIDE PLANOJUF SYRUP के 13 नग तथा PENTAZOCINE LACTATE INJECTION के 79 नग बरामद हुए।पुलिस ने बरामद प्रतिबंधित दवाओं की कीमत क्रमशः ₹2,448 और ₹4,740 बताई है। इसके अलावा परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की कीमत ₹50 हजार तथा दो मोबाइल फोन की कीमत ₹7 हजार आंकी गई है। पुलिस ने कुल ₹64,188 की संपत्ति जब्त की है।

तीन युवक गिरफ्तार, नारकोटिक एक्ट में कार्रवाई

पुलिस ने मामले में सुमीत बारीक (20), पिता धर्मेन्द्र बारीक, दुर्गेश चौहान (21), पिता श्यामलाल चौहान, निवासी वीरेंद्र नगर सरायपाली तथा सुमीत कुमार पाणिग्राही (18), पिता गोपाल प्रसाद, निवासी झिलमिला को गिरफ्तार किया है।बलौदा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 67/26, धारा 21(सी) नारकोटिक एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

खेप पकड़ी गई, लेकिन असली सवाल अब शुरू

इस कार्रवाई ने सरायपाली क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के संभावित नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की कार्रवाई में फिलहाल तीन आरोपी पकड़े गए हैं, लेकिन यह खेप किससे हासिल की गई, सरायपाली में किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क सक्रिय है या नहीं, इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आना बाकी है।विशेष रूप से ओडिशा के पदमपुर से सरायपाली तक नशीली दवाओं की खेप पहुंचने की बात सामने आने के बाद सप्लाई चेन और संभावित कनेक्शन की जांच अहम मानी जा रही है। यदि पूछताछ और जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो मामले में आगे और गिरफ्तारियां अथवा कार्रवाई संभव हो सकती है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने किसी बड़े नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सीमा पर नाकेबंदी बनी बड़ी कड़ी

एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशों के तहत जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अंतरराज्यीय सीमा पर की जा रही वाहन जांच के दौरान यह कार्रवाई सामने आई।सिरपुर नाके पर पुलिस की सतर्कता के चलते कथित तौर पर सरायपाली पहुंचने से पहले ही प्रतिबंधित दवाओं की खेप पकड़ ली गई। अब इस मामले में केवल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित रहती है या जांच आगे बढ़कर सप्लायर, खरीदार और संभावित वितरण नेटवर्क तक पहुंचती है, इस पर नजर रहेगी।

जब्त सामग्री- 13 नग प्रतिबंधित सिरप — ₹2,448- 79 नग प्रतिबंधित इंजेक्शन — ₹4,740- एक मोटरसाइकिल — ₹50,000- दो मोबाइल फोन — ₹7,000- कुल जब्ती — ₹64,188।

राजेश कुमार

उत्तर भारत के एक छोटे शहर में पले-बढ़े। बचपन से ही लोगों की बातें सुनना और आसपास की ज़िंदगी को ध्यान से देखना उनकी आदत रही है। परिवार में सादगी और मेहनत को हमेशा महत्व दिया गया। खाली समय में किताबें पढ़ना, पुरानी डायरियाँ पलटना और सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठकर आम लोगों से बात करना उन्हें अच्छा लगता है। वे मानते हैं कि हर इंसान की अपनी एक कहानी होती है, बस उसे सुनने वाला कोई होना चाहिए।

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