हर मिनट अहम, समय पर पहचान और उपचार से बच सकती जिंदगी-डॉ. सिन्हा

विश्व स्ट्रोक दिवस पर एनएच एमएमआई ने किया जागरूक
रायपुर, 30 अक्टूबर। एमएमआई नारायणा अस्पताल, रायपुर के क्लिनिकल लीड एवं वरिष्ठ सलाहकार न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. एच. पी. सिन्हा ने ने बताया कि विश्व स्ट्रोक दिवस (29 अक्टूबर) के अवसर पर स्ट्रोक के लक्षणों को समय पर पहचानने और तत्काल उपचार कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सकीय आपातस्थिति है, जिसमें मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह रुक जाता है या मस्तिष्क में रक्तस्राव होने लगता है। ऐसे में उपचार में देरी से स्थायी विकलांगता और जान जाने का खतरा बढ़ सकता है।
डॉ. सिन्हा ने बताया कि स्ट्रोक की पहचान के लिए बीई-फास्ट का लक्षणों को आसानी से याद रखा जा सकता है। इसमें बी का मतलब अचानक शरीर का संतुलन बिगडऩा, ई का मतलब अचानक धुंधला या दोहरा दिखाई देना, एफ का मतलब चेहरे का एक तरफ झुक जाना, ए का मतलब हाथ-पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन, एस का मतलब बोलने या समझने में परेशानी और टी का मतलब बिना देर किए एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल पहुंचना है।
डॉ. सिन्हा ने बताया कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। स्ट्रोक के मामले में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। गंभीर स्ट्रोक में हर मिनट लाखों मस्तिष्क कोशिकाएं नष्ट हो सकती हैं।



