फ़्लाईदुबई विमान हाईजैक की कोशिश: को-पायलट की थी 9/11 जैसी भयानक योजना

दुबई/तेल अवीव: अमेरिका और इसराइल की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, फ़्लाईदुबई (Flydubai) के एक विमान को हाईजैक करने की कोशिश का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ओमान के रहने वाले एक अभियुक्त को-पायलट ने विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट या शहर की किसी ऊंची इमारत से टकराने की खौफनाक साजिश रची थी।
अकेले वारदात को अंजाम देने की थी योजना
जांच रिपोर्टों के मुताबिक, इस अभियुक्त का अब तक किसी आतंकी संगठन से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है और वह इस बड़ी वारदात को अकेले ही अंजाम देने की फिराक में था। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल ने पुष्टि की है कि पिछले बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 में यह आतंकी हमला करने का प्रयास किया गया था।
हमलावर को-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद इमरजेंसी क्रैश ऐक्स (कुल्हाड़ी) से कैप्टन पर जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर दिया। हालांकि, कैप्टन ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद मुस्तैद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हमलावर को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतार लिया गया।
9/11 जैसी तबाही से बचा इसराइल
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि इस को-पायलट का इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा के तहत ब्रेनवॉश किया गया था। उन्होंने कैप्टन, यात्रियों और क्रू मेंबर्स की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ से 9/11 जैसी एक बड़ी तबाही टल गई।
को-पायलट ‘हमाम अल-हमामी’ से पूछताछ जारी
इस हाईजैक के प्रयास से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। रिपोर्ट्स में आरोपी को-पायलट का नाम हमाम अल-हमामी बताया गया है। फिलहाल यूएई में उससे कड़ी पूछताछ चल रही है और इसराइली एजेंसियों को भी जांच की जानकारी दी जा रही है।
इसराइली मीडिया के मुताबिक, को-पायलट की योजना कैप्टन पर हमला करने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को यह भरोसा दिलाने की थी कि सब कुछ सामान्य है, ताकि वह आसानी से इसराइल की हवाई सीमा में प्रवेश कर सके। उसकी योजना 180 से अधिक यात्रियों से भरे इस बोइंग 737 मैक्स विमान को बेन गुरियन एयरपोर्ट या मध्य तेल अवीव की किसी गगनचुंबी इमारत से टकराने की थी। पूछताछ में उसने यह भी कबूला है कि उसने पहले भी तेल अवीव जाने वाली एक फ्लाइट को क्रैश करने की योजना बनाई थी, लेकिन परिचित के होने के कारण इरादा बदल दिया था।
विमानन सुरक्षा में बड़ी चूक पर उठे सवाल
इस खौफनाक घटना के बाद सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ओमान एयर द्वारा चरमपंथी विचारों के शक में उड़ान भरने से रोके जाने के बावजूद, फ़्लाईदुबई ने उसे नौकरी कैसे दे दी। कंपनी की सामान्य सुरक्षा जांच में उसके चरमपंथी बैकग्राउंड को क्यों नहीं पकड़ा जा सका, यह एक बड़ा जांच का विषय है।
इसराइल के विमानन नियमों के अनुसार, ओमान जैसे देशों के नागरिक पायलट इसराइल जाने वाली उड़ान नहीं चला सकते, जिनके इसराइल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसराइल की सुरक्षा एजेंसी ‘शिन बेट’ और परिवहन मंत्रालय के बीच भी विदेशी एयरलाइंस की क्रू सूची की जांच की जिम्मेदारी को लेकर सवाल-जवाब का दौर जारी है। इस बीच, इसराइल के प्रधानमंत्री ने विदेशी नागरिक उड़ानों की सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की तत्काल समीक्षा के आदेश दिए हैं और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी भी आरोपी के 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया से जुड़े संबंधों की जांच कर रहे हैं।



