डीएमएफ से दो वर्ष की कार्ययोजना को दें प्राथमिकता – डेका

बस्तर के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों पर विशेष जोर
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 5नवंबर । राज्यपाल रमेन डेका आज लोक भवन में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की गतिविधियों, खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना के संबंध मे बैठक की। उन्होंने डीएमएफ की राशि के प्रभावी और सुनियोजित उपयोग के लिए कम से कम दो वर्ष का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीएमएफ से आवश्यक कार्य किए जाएं। साथ ही उद्योगों से चर्चा कर पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को अभियान के रूप में संचालित करने पर उन्होंने जोर दिया।राज्यपाल ने नदियों से रेत उत्खनन के संबंध में वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई। रेत खदानों में वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन को लेकर विशेष अभियान चलाने की बात भी कही।
राज्यपाल ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे आम जनता से संवाद करें और उनकी आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं को समझें। उन्होंने डीएमएफ की नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा, ताकि कार्यों की प्रगति की समीक्षा और आवश्यक निर्णय समय पर लिए जा सकें।
उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा बस्तर क्षेत्र में जो लोग मुख्यधारा में लौट आए हैं, उन्हेंउनके पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं
राज्यपाल ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।राज्यपाल ने कहा कि मनरेगा की तर्ज पर डीएमएफ के कार्यों में भी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही निर्मित परिसंपत्तियों के भौतिक सत्यापन पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि यह पता चल सके कि स्वीकृत कार्यों का वास्तविक क्रियान्वयन हुआ है और उनसे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने विस्थापित परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक में खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने राज्यपाल को डीएमएफ की गतिविधियों और कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल 2.0 के माध्यम से प्रत्येक परियोजना और कार्य की जानकारी उपलब्ध है। पोर्टल के जरिए कार्यों की स्थिति और प्रगति की निगरानी भी की जा रही है।


