छत्तीसगढ़

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने पर ग्रैप-1 लागू, किस-किस पर असर

दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद बुधवार को ग्रैप-1 लागू कर दिया गया है.

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के जारी आदेश के मुताबिक़, 20 अक्तूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 179 था, जो मॉडरेट श्रेणी में आता है. लेकिन सिर्फ़ एक दिन बाद यह बढ़कर 244 पहुंच गया, जिससे हवा की गुणवत्ता पुअर श्रेणी में दर्ज की गई है.

ग्रैप का पहला चरण एक्यूआई 201 से 300 यानी खराब स्तर की होने पर लागू किया जाता है.

बता दें कि ग्रैप का पूरा नाम ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान है. यह दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए आपातकालीन उपायों की एक चरणबद्ध योजना है, जिसे प्रदूषण के स्तर (एक्यूआई) के अनुसार लागू किया जाता है. इसे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग लागू करता है.

आयोग ने यह भी कहा है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पुअर श्रेणी में बनी रह सकती है.

ग़ौरतलब है कि 20 अक्तूबर को दशहरा मनाया गया, इस दौरान कई इलाकों में रावण के पुतले फूंके गए और आतिशबाज़ी हुई.

इनपर पर रोक रहेगी ​

ग्रैप-1 प्रदूषण के शुरुआती स्तर पर लागू की जाने वाली रोकथाम करने वाली व्यवस्था है, ताकि हवा की गुणवत्ता और खराब होने से रोकी जा सके. इसका मक़सद प्रदूषण को और बढ़ने से रोकना और धूल, वाहनों व औद्योगिक स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है. ​

कूड़ा, पत्तियां और अन्य कचरा खुले में जलाने पर रोक.
ढाबों, रेहड़ियों और व्यावसायिक रसोईघरों में कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध.
डीज़ल जेनरेटर के उपयोग पर पाबंदी, केवल आपात स्थितियों में छूट.
ज़्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर जुर्माना या ज़ब्ती की कार्रवाई.
दिल्ली में 10 साल से पुराने डीज़ल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध जारी.(bbc.com/hindi)

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