पेंड्रावन जलाशय के कैचमेंट में खनन की मंजूरी पर भड़के किसान

जल संसाधन विभाग के घेराव की तैयारी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 31अक्टूबर ।रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक स्थित बंगोली गांव के पेंड्रावन जलाशय के कैचमेंट एरिया में चूना पत्थर खनन की अनुमति दिए जाने के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। जल संसाधन विभाग की ओर से अल्ट्राटेक सीमेंट को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किए जाने के खिलाफ किसान और ग्रामीण लामबंद हो रहे हैं। जलाशय को बचाने के लिए अलग-अलग गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। आंदोलनकारियों ने तिल्दा स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है।
पेंड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में30अक्टूबर को बरौंडा,बंगोली और कुरा गांवों में जनसभाएं आयोजित की गईं। इनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
सभाओं में खनन की अनुमति देने के सरकारी फैसले का एकमत से विरोध किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभाओं में विरोध के बावजूद खनन कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए एनओसी जारी की गई। उनका कहना है कि तीसरी बार अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने अदालत के आदेश के बाद सरकार की ओर से गठित हाईपावर कमेटी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कमेटी ने किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत की प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद अंततः खनन परियोजना के पक्ष में सिफारिश कर दी।
जनसभाओं में कमेटी और एनओसी जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई गई। संघर्ष समिति का कहना है कि जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में खनन से जल संसाधन और खेती पर असर पड़ सकता है। इसलिए इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए।
बैठकों में तय किया गया कि खनन की अनुमति के विरोध में तिल्दा स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय का जल्द घेराव किया जाएगा।
30अक्टूबर की बैठकों में पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल,समिति के संरक्षक उधोराम वर्मा,अध्यक्ष अनिल नायक,सचिव घनश्याम वर्मा,आलोक शुक्ला,जनपद सदस्य कुंजलाल वर्मा सहित बंगोली,बरौंडा और कुरा के सरपंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


