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इंडिया गठबंधन का एसआईआर पर आक्रामक प्लान: 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली

नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन का खाका तैयार कर लिया है। बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घोषणा की कि 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और जिलाधिकारी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किए जाएंगे। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। 1 नवंबर को दिल्ली में गठबंधन की बड़ी रैली भी आयोजित की जाएगी।

करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राजद नेता तेजस्वी यादव और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले समेत कई दलों के नेता शामिल हुए। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में खरगे ने कहा कि गठबंधन एसआईआर, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और संस्थाओं के इस्तेमाल के मुद्दे पर एकजुट है।

आंदोलन का कार्यक्रम

खरगे के अनुसार युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों को साथ लेकर 2 से 8 अक्टूबर तक देश के जिलों में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकाले जाएंगे। इन्हीं दिनों जिलाधिकारी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन भी होंगे। 6 अक्टूबर को दोनों सदनों के विपक्षी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्ष के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर संस्थाओं पर कथित दबाव का ज्ञापन सौंपने का समय मांगेंगे।

गठबंधन ने अक्टूबर-नवंबर में पांच बड़ी रैलियों का भी फैसला किया है। इनके स्थान और तारीख बाद में बताए जाएंगे। 1 नवंबर को दिल्ली में विशाल रैली होगी, जिसमें एसआईआर और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को जनता के सामने रखा जाएगा। गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट से एसआईआर और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई की अपील करने का भी फैसला किया है।

गठबंधन की प्रमुख मांगें

खरगे ने बैठक में छह प्रमुख मांगें रखीं। इनमें भविष्य के चुनावों के लिए एसआईआर से पहले की मतदाता सूची का उपयोग, हर संशोधन में निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर जोड़-काट की पूरी पारदर्शिता, वैध मतदाता के नाम काटने पर स्पष्ट कारण और प्रभावी अपील व्यवस्था, प्रशासनिक चूक या दस्तावेज की कमी से पात्र मतदाताओं को बाहर न करना, ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान तथा पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए आसान पंजीकरण शामिल हैं।

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि गठबंधन एसआईआर को बड़े घोटाले के रूप में देखता है और अगर इस्तीफा नहीं होता तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट है।

पृष्ठभूमि

यह बैठक उस रिपोर्ट के बाद हुई जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब दस महीने में एसआईआर से जुड़े कई फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में करोड़ों नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए और आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है और कहता है कि मतदाता सूची को शुद्ध करना उसका वैधानिक काम है तथा आंतरिक मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

2026 के विधानसभा चुनाव असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले ही हो चुके हैं। गठबंधन अब आगामी चुनावी चक्र और चल रहे एसआईआर विवाद को केंद्र में रखकर देशव्यापी Mobilization कर रहा है। भाजपा ने गठबंधन पर एकता की कमी का आरोप लगाया है और कहा है कि विपक्ष चुनावी हार के बाद आयोग पर हमला कर रहा है।

2 अक्टूबर गांधी जयंती है। उसी दिन से जिला स्तर के कार्यक्रम शुरू होंगे। दिल्ली की 1 नवंबर वाली रैली गठबंधन के लिए बड़ा शक्ति प्रदर्शन बन सकती है, बशर्ते सभी घटक दल मैदान में उतरें।

प्रियंका वर्मा

शहर और कस्बे दोनों की दुनिया से परिचित हैं। वे परिवार के बीच रहकर बड़ी हुईं और छोटी उम्र से ही लोगों के चेहरे और बातचीत पर ध्यान देती रही हैं। उन्हें लिखना-पढ़ना, पुराने गीत सुनना और रिश्तेदारों से लंबी बातें करना पसंद है। उनकी नजर उन छोटी बातों पर जाती है जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

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