छत्तीसगढ़

प्रदर्शन से ठीक पहले कैसा है जंतर-मंतर का हाल

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और इसके आसपास के इलाक़ों में तैनाती और पाबंदियां बढ़ा दी हैं.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने कुछ तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें भारी पुलिस बल, सुरक्षा बल और पुलिस वैन दिखाई दे रही हैं.

दरअसल, सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन के लिए इजाज़त नहीं मिली थी. हालांकि, सीजेपी नेताओं का कहना है कि वो जंतर-मंतर पहुंचेंगे.

पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने शुक्रवार रात को कहा था कि वो इतिहास बनाएंगे.

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा था, डियर कॉकरोचेज! मुझे गर्व है कि हम सबने अब तक कितना लंबा सफ़र तय किया है. चाहे कुछ भी हो जाए, हम इतिहास ज़रूर रचेंगे!

उन्होंने लिखा, बस एक बात याद रखना – हाथ में संविधान और दिल में गांधी. कुछ भी हो जाये, हाथ हमारा नहीं उठेगा. भारत माता की जय.

उनके अलावा, सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा और जाने-माने यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी लोगों से जुटने की अपील की है.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से आने-जाने वाली 250 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है.

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रेलवे बोर्ड के फ़ैसले के तहत 9 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशनों से रवाना होने वाली यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया है.

इसके अलावा, 10 अक्तूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेनें भी रद्द रहेंगी.

बड़े पैमाने पर ट्रेनों को रद्द किए जाने से हज़ारों यात्रियों को होने वाली असुविधा को लेकर रेलवे के फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं. रेलवे के पूर्व अधिकारियों, यात्री संगठनों और कर्मचारी महासंघों ने इस क़दम की आलोचना की है.

रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (इंजीनियरिंग) सुबोध जैन ने कहा, इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द करना प्रदर्शनकारियों के सामने समर्पण करने जैसा है.

ऑल इंडिया रेलवेमेंस फ़ेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भी रेलवे के इस फ़ैसले की आलोचना की. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, देश के किसी हिस्से में विरोध प्रदर्शन या आंदोलन के कारण एक साथ इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द किए जाने का उन्हें कोई पिछला उदाहरण याद नहीं है.

उन्होंने कहा कि अचानक ट्रेनों के रद्द होने से हज़ारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

दूसरी ओर, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने भी 45 मेट्रो स्टेशनों का एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट बंद कर दिए हैं.(bbc.com/hindi)

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