यूपीआईटीएस-4.0 में चार दिन में 5.48 लाख फुटफॉल, मंगलवार को होगा समापन

ग्रेटर नोएडा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के तहत आयोजित चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-4.0) ने व्यापारिक गतिविधियों के साथ जनभागीदारी में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक चल रहे पांच दिवसीय ट्रेड शो में 28 सितंबर तक कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई। इसमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल हैं। ट्रेड शो मंगलवार 29 सितंबर को समाप्त होगा।
पिछले वर्ष के आयोजन में कुल 5,07,099 आगंतुक आए थे। इस बार चार दिनों में ही वह आंकड़ा पार हो चुका है। बड़ी संख्या में आम लोगों की मौजूदगी से साफ है कि यह आयोजन अब केवल उद्योग जगत तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के ओडीओपी उत्पाद, हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पाद और आधुनिक विनिर्माण देखने के लिए सामान्य आगंतुक भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
कारोबार और जनभागीदारी एक साथ
यूपीआईटीएस-4.0 की खासियत यह रही कि यहां कारोबार और जनभागीदारी साथ दिखी। घरेलू खरीदार उत्पादों की गुणवत्ता, कीमत, उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं को समझने के लिए स्टॉल पर पहुंचे। सामान्य आगंतुकों ने विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पादों और शिल्प की जानकारी ली। 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदारों की उपस्थिति से प्रदेश के उद्यमियों को देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यापारियों से सीधे जुड़ने का मौका मिला।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चार दिनों में 3,765 समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुए, जिनका मूल्य करीब 5,500 करोड़ रुपये है। कारोबारी पूछताछ 12,500 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के अनुसार 35,387 बी2बी बैठकें हुईं। इनमें रिवर्स बायर-सेलर मीट में 11,887 और मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में 23,500 बैठकें शामिल हैं।
लोकल से ग्लोबल विजन को मजबूती
ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पाद एक छत के नीचे प्रदर्शित किए जा रहे हैं। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत तैयार हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, कालीन, पीतल, कांच और लकड़ी के उत्पाद शामिल हैं। सामान्य आगंतुकों की बड़ी संख्या ने इन उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर भी दिया है। इससे ब्रांडिंग और नए ग्राहक वर्ग से जुड़ने में मदद मिल रही है।
विभिन्न हॉलों में खरीदारों और आगंतुकों की निरंतर आवाजाही से कारोबारी गतिविधियां तेज रहीं। विदेशी खरीदारों की भागीदारी से छोटे और मध्यम उद्यमों को निर्यात बाजार के नए अवसर भी मिले हैं। ट्रेड शो का अंतिम दिन मंगलवार है, जिससे फुटफॉल और व्यापारिक समझौतों के आंकड़े और बढ़ने की संभावना है।



