छत्तीसगढ़

भारतीय मूल की नवी पिल्लै को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार

-सोनम मिश्रा

दक्षिण अफ्रीका की मानवाधिकार वकील नवेनेथम नवी पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है.

दक्षिण अफ्रीका की मानवाधिकार वकील नवनेथम नवी पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है. दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में जन्मीं पिल्लै ने रंगभेद के दौर में वकालत शुरू की. उन्होंने नेल्सन मंडेला समेत रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाने वालों का बचाव किया और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया. वह 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख रहीं.

नोबेल समिति के अध्यक्ष ने नवी पिल्लै के अंतरराष्ट्रीय न्याय में योगदान की सराहना की.

उन्होंने कहा, 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार ऐसे व्यक्ति को दिया गया है, जिन्होंने असाधारण साहस और ईमानदारी के साथ वैश्विक कानूनी व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने का मार्ग दिखाया है. उन्होंने आगे कहा कि पिल्लै ने अपने लंबे करियर में न्याय के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखी. उन्होंने कहा कि पिल्लै ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे और प्रभाव को काफी बढ़ाया है.

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नवी पिल्लै ने मजाक में कहा कि अगर लोग उनकी तारीफ में तालियां बजाते रहे, तो वह शायद अपना पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ साझा कर सकती हैं.

एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव के सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में नवी पिल्लै पुरस्कार की घोषणा के बाद लोगों की तालियों के बीच मजाकिया अंदाज में कहती नजर आई, अगर आप थोड़ी और तालियां बजाते हैं, तो मैं यह पुरस्कार ट्रंप के साथ साझा कर सकती हूं.(dw.com/hi)

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