कर्नाटकः एमएलसी चुनावों में अपनी भी सीट नहीं बचा पाई कांग्रेस

-इमरान क़ुरैशी
एनडीए के सहयोगी दलों जनता दल सेक्युलर और बीजेपी के बीच बने नए तालमेल और आपसी सहयोग का असर कर्नाटक विधान परिषद के चुनाव में साफ़ दिखा है.
ग्रेजुएट और टीचर्स कोटे की चारों सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस का पूरी तरह सफ़ाया हो गया. इन सीटों पर बीजेपी पहले से ही काफ़ी मज़बूत रही है और पहले भी ग्रेजुएट व टीचर्स कोटे से कई चुनाव जीत चुकी है.
लेकिन इस बार गठबंधन को सबसे शानदार जीत बेंगलुरु टीचर्स सीट पर मिली है, जहां कांग्रेस के उम्मीदवार पुट्टन्ना पिछले पांच बार से लगातार चुनाव जीत रहे थे.
इस बार पुट्टन्ना को जेडीएस के उम्मीदवार और बेंगलुरु एडवोकेट्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एपी रंगनाथ ने 918 वोटों के अंतर से हरा दिया.
तीसरी बार अपनी क़िस्मत आज़मा रहे रंगनाथ को 10 हजार 810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को सिर्फ़ 9 हजार 902 वोट ही मिल सके.
यह वही सीट है जहां मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ख़ुद भी चुनाव प्रचार किया था. आम तौर पर टीचर्स और ग्रेजुएट कोटे के विधान परिषद चुनाव में किसी मुख्यमंत्री का उतरकर प्रचार करना काफ़ी असामान्य बात मानी जाती है.
विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इस जीत पर कहा, यह तो बस एक शुरुआत है, आने वाले दिनों में राज्य की जनता कांग्रेस सरकार को करारा सबक़ सिखाएगी.
पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस जीत का श्रेय गठबंधन के साथियों के बीच आर अशोक के बेहतरीन तालमेल को दिया.
बाक़ी की तीन सीटों पर भी बीजेपी उम्मीदवारों ने बड़े फ़ासले से जीत दर्ज की.
बीजेपी के शशिल नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मातूर को 3 हजार 297 वोटों से हराकर अपनी कर्नाटक नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स सीट बचाए रखी.
ख़ास बात यह है कि इस सीट के वोटर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के गृह ज़िले में आते हैं.
साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट सीट पर बीजेपी के केएम सुरेश ने कांग्रेस के शशि हुलिकुंटेमठ के ख़िलाफ़ 23 हजार 98 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की.
वहीं, वेस्ट ग्रेजुएट सीट पर बीजेपी के एसवी संकनूर ने कांग्रेस के मोहन लिंबिकायी को 9 हजार 323 वोटों से हराया.
दूसरी तरफ़, प्रियंक खड़गे ने स्वीकार किया, नतीजे हमारी उम्मीदों के मुताबिक़ नहीं रहे. हमने इससे सबक़ सीखा है और अब हम और ज़्यादा मेहनत करेंगे. हालांकि, इस नतीजे को हमारी सरकार के कामकाज का आईना नहीं माना जा सकता.(bbc.com/hindi)



