छ ग राजभाषा आयोग द्वारा हास्य व्यंग्य के कवि गिरीश ठक्कर स्वर्गीय सम्मानित
राजनांदगांव :- छत्तीसगढ़ी व्यंग्य लेखन “लबरा के गोठ” व लबरा खड़े बाजार में ” के लिए चर्चित हास्य/ व्यंग्य के कवि गिरीश ठक्कर “स्वर्गीय” को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग (छ०ग०- शासन) द्वारा शाल श्री फल व प्रशस्ति पत्र सहित स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
बता दें कि हास्य व्यंग्य लेखन के लिए साकेत सम्मान , शिवनाथ धारा सम्मान व लायन्स क्लब सहित अनेकों सम्मान से सम्मानित हो चुके श्री ठक्कर
अंचल के वरिष्ठ कवि साहित्यकार व लोक कला धर्मी आत्माराम कोशा “अमात्य” से 1995 से जुड़े हुए हैं।
पत्र लेखक मंच से लेकर छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति – जिला इकाई व छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलने वाले श्री ठक्कर के प्रथम व्यंग्य संग्रह “टोटल बकवास” का भी संपादन श्री कोशा ने किया है। इसके बाद श्री ठक्कर अखबारों व विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में छत्तीसगढ़ी में लबरा के गोठ व लबरा खड़े बाजार में कालम लिखकर छत्तीसगढ़ी व्यंग्य की दुनिया में छा गए ।
छत्तीसगढ़ी में व्यंग्य लेखन बनी उपलब्धि
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा श्री ठक्कर की इस उपलब्धि के लिए बेमेतरा सम्मेलन में सम्मानित किया जाना था। किंतु उनके अस्वस्थता वश राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा जी के ग्राम मोखला में आयोजित साकेत साहित्य परिषद के वार्षिकोत्सव आयोजन मे उन्हें शाल ओढ़ाकर तथा श्री फल प्रशस्ति पत्र व भव्य स्मृति चिन्ह देकर किया। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार बल्देव राम साहू, विशिष्ट अतिथि संजीव तिवारी, आत्माराम कोशा “अमात्य”, कवि चेतन भारती,पद्मलोचन शर्मा” “मुंहफट” ओमप्रकाश साहू “अंकुर”, कुबेर साहू, लखन लाल”लहर” महेंद्र बघेल “मधु”, वीरेंद्र तिवारी “वीरु”, कवयित्री सुषमा शुक्ला “अंशुमन”, करिश्मा श्रीवास्तव, माला गौतम, पद्मा पर्वणी आदि सहित बड़ी संख्या में कवि / साहित्यकार व लोक कला धर्मी उपस्थित थे।
कवि पवन यादव “पहुंना” व रौशन साहू “मोखला” ने बताया कि मोखला में आयोजित उक्त वार्षिकोत्सव आयोजन में अंचल के लोक संगीतकार गोविंद साव व ग्राम्य कवि आनंद राम सार्वा “अनंत” का भी मुख्य अतिथि के हाथों सम्मान किया गया। हास्य-व्यंग्य कवि श्री ठक्कर सहित गोविंद साव व आनंद राम सार्वा “अनंत” के मुख्य अतिथि के हाथों सम्मानित होने पर छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा “अकाट्य”, मानसिंह “मौलिक” पप्पू “पौर्वात्य”‘ कलिहारी, राकेश इंदु भूषण ठाकुर,
शिवनाथ धारा के गजेंद्र हरिहारणो “दीप” वनांचल साहित्य समिति के डा, इक़बाल खान
“तनहा” ,चंद्रशेखर शर्मा युनुस “अजनबी”, डामन डोंगरे, कोमल गुरु, मोती लाल आदि कवि / साहित्यकारो ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उक्ताशय की जानकारी छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के सचिव मानसिंह “मौलिक” द्वारा दी गई। मो०बा० 9131618654
