छत्तीसगढ़

कोरबा: दुष्कर्म के आरोपित के अस्पताल में मोबाइल इस्तेमाल करने का वीडियो वायरल, पुलिस निगरानी पर उठे सवाल

कोरबा,12 अक्टूबर 2026। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप का सामना कर रहे पवन महतो के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होने और वहां मोबाइल पर बात करने तथा गुटखा खाते नजर आने के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में आरोपी अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती है। उसके मोबाइल इस्तेमाल करने के वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि अस्पताल में उसकी निगरानी किस तरह की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि पवन महतो ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी को पकड़ा था। बताया जा रहा है कि पवन महतो अडानी कोरबा पावर प्लांट में कार्यरत है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी को मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) और मुलाहिजा परीक्षण के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसकी तबीयत खराब होने की बात सामने आई, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में वह अस्पताल के स्पेशल वार्ड में उपचाररत है। उसकी निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

इस बीच अस्पताल में भर्ती आरोपी के मोबाइल पर बातचीत करने और गुटखा खाते दिखाई देने के वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो को लेकर पुलिस की निगरानी व्यवस्था और अस्पताल में आरोपी को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि जेल जाने से बचने के लिए आरोपी ने अस्पताल में भर्ती होने का रास्ता अपनाया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपी की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में चिकित्सकीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

मामले को लेकर कोरबा के सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र की एक महिला ने पवन महतो के खिलाफ शादी का झांसा देकर अनाचार करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा था। मेडिकल परीक्षण के दौरान तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपी अस्पताल में है और डिस्चार्ज होने के बाद उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, आरोपी की निगरानी में तैनात आरक्षकों की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर सीएसपी ने कहा कि तकनीकी रूप से उस समय आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी और वह पुलिस अभिरक्षा में नहीं था। हालांकि, उसके भागने की आशंका को देखते हुए आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरक्षकों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो SP द्वारा मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, इस मामले में आरोपी की अस्पताल में भर्ती रहने की स्थिति, मोबाइल इस्तेमाल करने के वायरल वीडियो और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं। अब यह देखना होगा कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button