लातूर : फसल बर्बाद होने और बेटी की पढ़ाई के खर्च ने किसान को आत्महत्या करने पर मजबूर किया

लातूर, 20 अक्टूबर। महाराष्ट्र के लातूर जिले में फसल बर्बाद होने और बेटी के मेडिकल कॉलेज की बकाया फीस नहीं भर पाने से परेशान 46 वर्षीय किसान ने अधिकारियों से मदद की अपील करते हुए वीडियो पोस्ट करने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि सोमवार को बोरगांव गांव स्थित अपने खेत में आत्महत्या करने से पहले, शंकर अबनराव क्षीरसागर ने यह वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि सूखे के कारण सोयाबीन की फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें सरकार से राहत क्यों नहीं मिली।
पुलिस के अनुसार, क्षीरसागर ने अच्छी फसल की उम्मीद में अपनी थोड़ी-सी जमीन पर सोयाबीन की खेती की थी। हालांकि, लंबे समय तक बारिश नहीं होने के कारण कथित तौर पर उनकी फसल खराब हो गई।
उनकी एक बेटी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है, लेकिन आवेदन करने के बावजूद कथित तौर पर उसकी फीस माफ नहीं की गई थी। यह स्थिति तब थी, जब सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों के बच्चों को फीस में छूट देने की घोषणा की थी।
लिंबगांव पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक बोधनकर ने बताया कि फसल बर्बाद होने, बकाया कर्ज और बेटी की पढ़ाई के खर्च से पैदा हुए आर्थिक बोझ के कारण वह कथित तौर पर परेशान थे।
उन्होंने बताया कि क्षीरसागर सोमवार दोपहर अपने खेत गए, वहां अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो की जानकारी मिलने के बाद उनके रिश्तेदारों और पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस के मौके पर पहुंची तो क्षीरसागर खेत में फंदे से लटके हुए मिले।(भाषा)



